बदायूं पुलिस में चला ‘तबादला एक्सप्रेस’ का बड़ा पहिया।
SSP अंकिता शर्मा का बड़ा एक्शन, 82 पुलिसकर्मियों के तबादले से महकमे में मचा हड़कंप।
बदायूं। जनपद बदायूं के पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत, चुस्त एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिले में बड़ा कदम उठाते हुए 82 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए हैं। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और दिनभर इस तबादला सूची की चर्चा होती रही।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कई पुलिसकर्मियों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ थानों और चौकियों में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस व्यापक फेरबदल को पुलिस विभाग में “तबादला एक्सप्रेस” के नाम से देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक SSP अंकिता शर्मा ने यह फैसला जिले में अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को ध्यान में रखते हुए लिया है। पुलिस विभाग में कार्यशैली, अनुशासन और सक्रियता को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही थी, जिसके बाद यह बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
जनपद बदायूं में पिछले कुछ समय से अपराध नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार मंथन चल रहा था। कई थाना क्षेत्रों से शिकायतें भी सामने आ रही थीं कि कुछ स्थानों पर पुलिसिंग अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नहीं दिखाई दे रही थी। ऐसे में SSP अंकिता शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे जिले में पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
तबादला सूची जारी होने के बाद कई थानों और चौकियों में नए चेहरे दिखाई देंगे। पुलिस विभाग का मानना है कि नए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती से थाना स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार होगा और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य केवल स्थानांतरण करना नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और परिणाम आधारित बनाना है। जिन पुलिसकर्मियों की कार्यशैली बेहतर मानी गई, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर ढिलाई बरतने वालों को हटाया गया है।
लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाया गया
जानकारी के अनुसार कई ऐसे पुलिसकर्मी थे जो लंबे समय से एक ही थाना या चौकी क्षेत्र में तैनात थे। प्रशासनिक दृष्टि से इसे उचित नहीं माना जाता क्योंकि लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से कार्यशैली प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए SSP ने ऐसे कर्मचारियों को नई जगह भेजने का निर्णय लिया। पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि समय-समय पर तबादले होने से विभाग में अनुशासन बना रहता है और कार्य में पारदर्शिता भी आती है।
तबादलों के बाद अब नए स्थानों पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने खुद को साबित करने की चुनौती होगी। वहीं जिन थाना क्षेत्रों में नई टीम भेजी गई है, वहां अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति तैयार की जा रही है।
महकमे में दिनभर चर्चाओं का दौर
82 पुलिसकर्मियों के एक साथ तबादले की खबर सामने आते ही पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई थाना परिसरों में पुलिसकर्मी नई तैनाती सूची को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए।
कुछ पुलिसकर्मी नई जिम्मेदारी मिलने से उत्साहित नजर आए, तो कुछ के चेहरे पर चिंता भी दिखाई दी। हालांकि विभागीय स्तर पर इसे पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है।
जनपद के कई थाना क्षेत्रों में अचानक हुए इस बड़े फेरबदल के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि इस बदलाव का असर जमीन पर दिखाई देता है तो निश्चित रूप से कानून व्यवस्था में सुधार आएगा।
SSP अंकिता शर्मा की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा अपनी सख्त और सक्रिय कार्यशैली को लेकर पहले भी चर्चा में रही हैं। जिले में कानून व्यवस्था को लेकर वह लगातार समीक्षा बैठकें कर रही हैं और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रही हैं कि जनता की शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में अपराध नियंत्रण को लेकर कई स्तर पर समीक्षा की गई थी। इसी के बाद यह निर्णय लिया गया कि जिले में पुलिस बल की नई तैनाती कर कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
SSP ने साफ संदेश दिया है कि पुलिसिंग में लापरवाही, अनुशासनहीनता और शिकायतों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में और भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जनता को बेहतर पुलिसिंग देने की कोशिश
पुलिस प्रशासन का मानना है कि किसी भी जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस बल का सक्रिय और जिम्मेदार होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठाया गया है।
अब उम्मीद जताई जा रही है कि नई तैनाती के बाद पुलिसकर्मी अधिक ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। थाना स्तर पर गश्त बढ़ाने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता की सुरक्षा और विश्वास को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग लगातार नई रणनीति पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बदायूं पुलिस अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर और अधिक सख्त दिखाई दे सकती है।
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद अपराधियों पर भी मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ा है। पुलिस विभाग का मानना है कि जब थाना और चौकी स्तर पर नई टीम आती है तो अपराधियों की गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है।
नई तैनाती के बाद पुलिस रिकॉर्ड की समीक्षा, हिस्ट्रीशीटरों पर नजर और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कई थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पुलिस बल की सक्रियता और सतर्कता भी जरूरी है। यही कारण है कि जिले में बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।
पुलिस विभाग में बढ़ी जवाबदेही
तबादलों के बाद अब प्रत्येक पुलिसकर्मी की कार्यशैली पर नजर रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन चाहता है कि जनता को समय पर न्याय मिले और थाना स्तर पर शिकायतों का समाधान तेजी से हो।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में थानों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा होगी। यदि किसी क्षेत्र में अपराध बढ़ता है या पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
आम जनता की क्या है राय?
जनपद के कई लोगों ने इस बड़े प्रशासनिक कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस विभाग लगातार सक्रिय रहेगा और समय-समय पर समीक्षा होती रहेगी, तो अपराधियों में डर बना रहेगा।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि थाना स्तर पर जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी है। यदि नई तैनाती के बाद पुलिस व्यवहार और कार्रवाई में सुधार दिखाई देता है, तो इससे आम जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
पुलिस विभाग के अंदरखाने से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में और भी प्रशासनिक फेरबदल किए जा सकते हैं। SSP अंकिता शर्मा जिले में पूरी तरह “एक्शन मोड” में नजर आ रही हैं और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत करने पर फोकस कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि जिन थाना क्षेत्रों में अपराध की घटनाएं अधिक हैं या जहां पुलिसिंग कमजोर पाई गई है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर वहां अतिरिक्त बदलाव भी किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
बदायूं पुलिस महकमे में 82 पुलिसकर्मियों के तबादले ने यह साफ कर दिया है कि जिला पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय मोड में काम कर रहा है। SSP अंकिता शर्मा ने बड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नई तैनाती के बाद पुलिस व्यवस्था में कितना सुधार देखने को मिलता है। यदि पुलिस विभाग इसी तरह सक्रिय और जवाबदेह बना रहा, तो निश्चित रूप से जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।