उप निरीक्षक भारती सिंह बोलीं – “पैडल मारो, सेहत संवारो”
उझानी, बदायूं।
नगर की सड़कों पर सोमवार सुबह एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां एक ओर लोग रोजमर्रा की भागदौड़ में व्यस्त दिखाई दिए, वहीं दूसरी ओर स्कूली छात्राओं की साइकिल रैली ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हाथों में जागरूकता स्लोगन, चेहरे पर उत्साह और साइकिल की घंटियों की मधुर आवाज के बीच छात्राओं ने “तेल बचाओ, पर्यावरण बचाओ” का संदेश देकर लोगों को जागरूक किया।

यह प्रेरणादायक रैली रामनाथ राम नारायण ट्रस्ट द्वारा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य लोगों को ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का आयोजन अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज में किया गया, जिसमें छात्राओं, शिक्षकों, समाजसेवियों और पुलिस प्रशासन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
रैली की शुरुआत उझानी कोतवाली परिसर से हुई। वहां मौजूद अधिकारियों और शिक्षकों ने हरी झंडी दिखाकर छात्राओं को रवाना किया। साइकिलों की लंबी कतार जब नगर की मुख्य सड़कों से गुजरी तो राहगीर भी रुककर इस अनूठी पहल को देखने लगे। छात्राएं पूरे जोश और उत्साह के साथ नारे लगा रही थीं ।

“पैडल चलाओ, तेल बचाओ”,
“साइकिल अपनाओ, स्वास्थ्य पाओ”,
“ईंधन बचाओ, पर्यावरण बचाओ”,
और “छोटी दूरी साइकिल से तय करो”।
इन नारों ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया बल्कि उन्हें सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि आधुनिक जीवनशैली में छोटी-छोटी दूरियों के लिए भी मोटरसाइकिल और कार का उपयोग कितना बढ़ गया है।
समाज को संदेश देने वाली पहल।
आज के समय में लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच यह रैली समाज को एक बड़ा संदेश देने में सफल रही। आयोजकों ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का उपयोग करना शुरू कर दें तो इससे ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि पुराने समय में लोग पैदल और साइकिल से अधिक यात्रा करते थे, जिसके कारण वे शारीरिक रूप से अधिक स्वस्थ रहते थे। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में सुविधाओं के बढ़ते उपयोग ने लोगों को शारीरिक गतिविधियों से दूर कर दिया है। यही कारण है कि आज कम उम्र में ही लोग मोटापा, शुगर, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

उप निरीक्षक भारती सिंह ने बढ़ाया उत्साह।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उप निरीक्षक श्रीमती भारती सिंह ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि साइकिल केवल एक साधन नहीं बल्कि स्वास्थ्य का सबसे बड़ा साथी है। उन्होंने कहा —
“साइकिल सिर्फ सवारी नहीं, सेहत का खजाना है। रोज थोड़ा पैडल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और डॉक्टर से दूरी बनी रहती है। छोटी दूरी के लिए बाइक और कार छोड़कर साइकिल अपनानी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी अभी से साइकिल चलाने की आदत डाल ले तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें।
उप निरीक्षक भारती सिंह अपनी टीम शिवानी, प्रीति, शालू, संगीता, अल्पना और रमन गौर के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहीं। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी से छात्राओं का उत्साह और भी बढ़ गया।
छात्राओं में दिखा उत्साह
रैली में शामिल छात्राओं के चेहरे पर अलग ही उत्साह दिखाई दे रहा था। कई छात्राओं ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी सामाजिक जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया है और उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि वे समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही हैं।
छात्राओं ने कहा कि अक्सर लोग छोटी दूरी के लिए भी बाइक का इस्तेमाल करते हैं, जबकि साइकिल एक बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे पैसे की बचत भी होती है और शरीर भी फिट रहता है।
रैली के दौरान नगरवासियों ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कई लोगों ने सड़कों के किनारे खड़े होकर तालियां बजाईं और इस पहल की सराहना की।
शिक्षा संस्थानों ने दिया सहयोग
कार्यक्रम में अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती वीर सिंह और सह अध्यापिका श्रीमती शिल्पी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का माध्यम नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने का भी केंद्र है।

भदवार गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती सुजाता सक्सेना भी अपनी शिक्षिकाओं जोया अंसारी और तनिषा गुप्ता के साथ रैली में शामिल हुईं। खेल प्रशिक्षक मोहम्मद इकबाल अहमद की उपस्थिति ने छात्राओं का उत्साह और बढ़ा दिया।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्राएं सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ सकें।
“मोदी जी के आह्वान पर तेल की हर बूंद बचाएं”
रामनाथ राम नारायण ट्रस्ट के ट्रस्टी राजन मेहंदी रत्ता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा —
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल और खाद्य तेल दोनों बचाने का संदेश दिया है। साइकिल सबसे सस्ता और सबसे अच्छा साधन है। हमारे ऋषि-मुनि सादा जीवन और संयम का संदेश देते थे। हमें भी तला-भुना कम करना चाहिए और छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ी दूरी साइकिल से तय करे तो देश में ईंधन की बड़ी मात्रा बचाई जा सकती है। साथ ही प्रदूषण कम होने से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वाहन प्रदूषण ने शहरों की हवा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे नगरों में भी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में साइकिल का उपयोग एक बड़ा समाधान बन सकता है।
साइकिल न केवल प्रदूषण कम करती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी कम करने में सहायक होती है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता घटने से आर्थिक बचत भी होती है।
रैली में शामिल वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि लोग अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करें तो बड़ा परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम के अंत में दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे छोटी दूरी पैदल या साइकिल से तय करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
छात्राओं ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और मित्रों को ईंधन बचत और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगी। विद्यालय परिवार ने ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
रैली के समापन के बाद भी नगर में इस अभियान की चर्चा बनी रही। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि नई पीढ़ी को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के महत्व का एहसास हो सके।
समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश
उझानी में आयोजित यह साइकिल रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का संदेश बनकर सामने आई। छात्राओं ने जिस उत्साह और जागरूकता के साथ लोगों को संदेश दिया, उसने यह साबित कर दिया कि यदि युवा पीढ़ी किसी अभियान से जुड़ जाए तो बदलाव निश्चित है।
आज जब दुनिया प्रदूषण, बीमारियों और बढ़ती ईंधन खपत जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब इस तरह की पहल समाज को नई दिशा देने का कार्य करती हैं। जरूरत इस बात की है कि लोग इन संदेशों को केवल सुनें ही नहीं बल्कि अपने जीवन में भी उतारें।

यदि हर व्यक्ति छोटी दूरी के लिए साइकिल अपनाए, नियमित व्यायाम करे और ईंधन की बचत को अपनी आदत बना ले तो आने वाले समय में समाज अधिक स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित बन सकता है।