उझानी में अवैध रूप से संचालित मीट दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, छापेमारी से मचा हड़कंप
उझानी (बदायूं), 23 सितंबर। नगर उझानी में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित हो रही मीट की दुकानों के खिलाफ आखिरकार खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई शुरू हो गई है। पशु प्रेमी की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के बाद विभाग की टीम ने बुधवार को नगर में अचानक छापेमारी कर मीट दुकानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही कई दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कुछ दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से चले गए।

बताया गया कि मोहल्ला श्रीनारायण गंज निवासी पशु प्रेमी प्रखर अग्रवाल के पुत्र नीरज अग्रवाल की ओर से 24 मई 2026 को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नगर उझानी में मुर्गा और बकरा मीट बेचने वाले कई विक्रेताओं के पास मीट बेचने का लाइसेंस तो है, लेकिन पशुओं को काटने के लिए आवश्यक अनुमति या व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद कथित रूप से कुछ दुकानदार अपनी दुकानों के अंदर ही जानवरों को काटकर मीट बेच रहे हैं।
याचिका में इस व्यवस्था को नियमों के विपरीत बताते हुए संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान नगर पालिका परिषद उझानी की ओर से कोर्ट में लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया था कि नगर में मुर्गा-बकरे के मीट की कोई दुकान नहीं है। पालिका की ओर से दिए गए इस जवाब के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
इसके बाद बुधवार को बदायूं से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम उझानी पहुंची। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंकर लाल बिंदु के नेतृत्व में टीम ने नगर में संचालित मीट की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानदारों से उनके लाइसेंस और मीट की बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि दुकानदार किस स्थान से मीट लेकर आ रहे हैं और उसे किस प्रकार बिक्री के लिए रखा जा रहा है।
स्लॉटर हाउस से मीट लाने का लाइसेंस, दुकान में काटने की अनुमति नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित मीट विक्रेताओं के पास स्लॉटर हाउस से मीट लाकर बेचने का लाइसेंस है। हालांकि दुकान के अंदर पशु काटने की अनुमति नहीं होने की बात सामने आई। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी।
एफएसओ शंकर लाल बिंदु ने मीट विक्रेताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी दुकान के अंदर जानवर काटता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुकानदारों को यह भी चेताया कि खाद्य सुरक्षा और अन्य संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के बाद उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों की ओर से जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जानी बाकी है।
कार्रवाई की भनक लगते ही दुकानें बंद कर निकले दुकानदार
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के नगर में पहुंचने और दुकानों का निरीक्षण शुरू करने की खबर फैलते ही कई मीट कारोबारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही नगर के अधिकांश मीट व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं और मौके से निकल गए।
अचानक दुकानों के बंद होने से बाजार में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद दुकानों का निरीक्षण किया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने दुकानदारों को नियमों के अनुसार ही कारोबार करने की हिदायत दी।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका से हुई। याचिका में नगर में मीट बिक्री और पशु वध से संबंधित नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए थे। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ मीट विक्रेताओं के पास बिक्री का लाइसेंस होने के बावजूद दुकानों के अंदर ही पशु काटे जा रहे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान नगर पालिका की ओर से नगर में मीट की दुकानों के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण किया गया। अब विभागीय जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
विभाग ने दी नियमों के पालन की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मीट कारोबारियों को स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंस की शर्तों और निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। अधिकारियों के मुताबिक जहां से मीट खरीदकर बिक्री करने की अनुमति है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मीट की बिक्री की जानी चाहिए। दुकान के अंदर पशु काटने की स्थिति में संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद उझानी में मीट कारोबारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। अब कारोबारी अपने लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। वहीं विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी निरीक्षण और जांच जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल बुधवार की कार्रवाई में विभाग ने दुकानदारों को चेतावनी देकर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यदि भविष्य में किसी दुकान के अंदर नियमों के विपरीत पशु काटे जाने का मामला सामने आता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उझानी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यह कार्रवाई हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के बाद सामने आई है। आने वाले दिनों में विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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