वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर का एनकाउंटर, UP ATS और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।

वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर का एनकाउंटर, UP ATS और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बड़ी खबर सामने आई है। 20 सितंबर 2026 की भोर में रामनगर थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मृतक नक्सली पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम शामिल था।

लंका मैदान के पास हुई मुठभेड़

बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के पास, टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जाने वाले मार्ग पर हुई। UP ATS को बृजेश गंझू के वाराणसी में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर ATS और रामनगर पुलिस की टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की।

रिपोर्टों के अनुसार, बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संदिग्ध ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी हुई और बृजेश गंझू घायल हो गया।

इसके बाद पुलिस टीम ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

30 लाख रुपये का था इनाम

बृजेश गंझू को झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर बताया गया है। उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज होने और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उसकी तलाश किए जाने की जानकारी सामने आई है।

उसके ऊपर घोषित इनाम की कुल राशि 30 लाख रुपये थी। झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि NIA की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम बताया गया है।

पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोलियां

मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के दो सदस्यों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, UP ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए गए हैं।

मुठभेड़ के बाद पुलिस और ATS की टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वहां से साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल और मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

वाराणसी में क्यों मौजूद था नक्सली कमांडर?

अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़ा एक इनामी कमांडर वाराणसी में किस उद्देश्य से मौजूद था।

पुलिस उसके वाराणसी पहुंचने के कारणों, उसके संभावित स्थानीय संपर्कों और उसके साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या बृजेश गंझू किसी विशेष उद्देश्य से वाराणसी आया था या यहां किसी व्यक्ति से मिलने वाला था।

मुठभेड़ के बाद आसपास के इलाके में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई पूरी की।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस और UP ATS पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, संदिग्ध की गतिविधियों और उसके संभावित संपर्कों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

बृजेश गंझू की मौत के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के सामने उसके नेटवर्क और वाराणसी में मौजूदगी से जुड़े कई सवाल भी हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

जनपद न्यूज़ 24 यूपी के लिए यह खबर पुलिस और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर होगी।

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