राष्ट्र निर्माण का महाअनुष्ठान बना गुधनी यज्ञ महोत्सव, केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा बोले- यज्ञ राष्ट्र की उन्नति का संपूर्ण अनुष्ठान है।

राष्ट्र निर्माण का महाअनुष्ठान बना गुधनी यज्ञ महोत्सव, केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा बोले- यज्ञ राष्ट्र की उन्नति का संपूर्ण अनुष्ठान है।

112वें वार्षिक उत्सव एवं यज्ञ महोत्सव का पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ हुआ भव्य समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद, सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान।

बदायूं। बिल्सी तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध यज्ञ तीर्थ गुधनी में आयोजित आर्य समाज के 112वें वार्षिक उत्सव एवं यज्ञ महोत्सव-2026 का रविवार को पूर्णाहुति, वैदिक मंत्रोच्चार और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। इस अवसर पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ में सहभागिता कर राष्ट्र, समाज और मानव कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने यज्ञ को राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक जागरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया।

समापन समारोह के दौरान यज्ञशाला वैदिक मंत्रों, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दी। यज्ञ तीर्थ गुधनी में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर की गई, जिसके बाद राष्ट्र की उन्नति, समाज के कल्याण और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई।

मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने यज्ञ में आहुति अर्पित करने के बाद कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की उन्नति का संपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि यज्ञ परिवारों को जोड़ता है, समाज में समरसता स्थापित करता है और राष्ट्र भावना को मजबूत करता है। यज्ञ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिलता है और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का कार्य होता है।

उन्होंने कहा कि आर्य समाज पिछले डेढ़ सौ वर्षों से समाज सुधार, शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और वैदिक संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि आचार्य संजीव रूप द्वारा संचालित यह महायज्ञ समाज निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में जो कार्य यहां से किए जा रहे हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बच्चों को संस्कारित करना और समाज को सही दिशा देना किसी भी राष्ट्र के विकास का आधार होता है।

पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आर्य समाज ने पिछले 150 वर्षों में राष्ट्र और समाज की जो सेवा की है, उसका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वैदिक विचारधारा आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही है और आर्य समाज के प्रयासों से लाखों लोग प्रेरित हो रहे हैं।

यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य आनंद पुरुषार्थी ने अपने उद्बोधन में जीवन को सफल बनाने के पांच महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान का धन्यवाद करना चाहिए, पर्यावरण की शुद्धि के लिए प्रयास करने चाहिए, माता-पिता की सेवा करनी चाहिए, विद्वानों और अतिथियों का सम्मान करना चाहिए तथा सभी प्राणियों के प्रति प्रेम और करुणा का भाव रखना चाहिए। यही जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है।

पूर्व राज्य मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि यज्ञ तीर्थ गुधनी एक पवित्र धाम बन चुका है, जहां आचार्य संजीव रूप निरंतर संस्कारों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां से निकलने वाले संस्कार समाज और राष्ट्र के लिए अमूल्य धरोहर साबित हो रहे हैं।

इस अवसर पर खौंसारा स्थित बालाजी धाम के पीठाधीश्वर ललितेश्वरानंद महाराज ने कहा कि यज्ञ हमारी सनातन संस्कृति का प्राण है। धर्म की रक्षा करने वाला व्यक्ति स्वयं भी सुरक्षित रहता है। उन्होंने लोगों से धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।

यज्ञ महोत्सव के निर्देशक आचार्य संजीव रूप ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन सभी के सहयोग, प्रेम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने जीवन की कम से कम एक बुराई को छोड़ने का संकल्प लें और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में एक अच्छाई जोड़ ले और एक बुराई छोड़ दे तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है।

महोत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। दूर-दूर से आए लोगों ने यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में कोलकाता, पटना, दिल्ली, एटा, हाथरस, तिलहर, वजीरगंज, बदायूं, कासगंज, संभल, बहजोई, इस्लामनगर, बिल्सी, बेहटा गुसाईं, बुलंदशहर और अलीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए 500 से अधिक श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

यज्ञ महोत्सव में आर्य वीर दल के बच्चों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आर्य संस्कारशाला के विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इन बच्चों ने संस्कार, अनुशासन और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिसके लिए उन्हें मंच से सम्मानित किया गया।

समापन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें अगर पाल सिंह, संजय सिंह, रामसेवक आर्य, कृष्णपाल आर्य, बद्रीप्रसाद आर्य, पिंकू श्रीवास्तव, अवनेश आर्य, श्रीमती शशि आर्य, श्रीमती अरुणा रानी, प्रवीण श्रीवास्तव, तिलहर से लोकेश आर्य, वजीरगंज से डिपिन वाणिज्य, पवन वाणिज्य, महिपाल प्रधान सहित अनेक सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूरे महोत्सव के दौरान वैदिक संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला। यज्ञ तीर्थ गुधनी में आयोजित यह 112वां वार्षिक उत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज को जागरूक और संस्कारित बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। श्रद्धालुओं के उत्साह, आयोजकों की मेहनत और अतिथियों के प्रेरणादायी विचारों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

“गुधनी यज्ञ तीर्थ में 112वें वार्षिक यज्ञ महोत्सव का भव्य समापन। केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा- ‘यज्ञ राष्ट्र की उन्नति का संपूर्ण अनुष्ठान है।’ हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूर्णाहुति, विशाल भंडारा और सम्मान समारोह का आयोजन। #Badaun #GudhniYagya #AryaSamaj #BLVerma #YagyaMahotsav #JanpadNews24”

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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