मथुरा में सपा नेता राजन रिजवी पर महिला बैंककर्मी को परेशान करने का आरोप, आपत्तिजनक व्हाट्सऐप चैट के बाद FIR; पार्टी ने पद से हटाया
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता राजन रिजवी के खिलाफ एक महिला बैंककर्मी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि बैंक में ग्राहक के रूप में आने वाले राजन रिजवी ने बिना अनुमति उसका निजी मोबाइल नंबर हासिल किया और इसके बाद लगातार फोन व व्हाट्सऐप संदेश भेजे। शिकायत में महिला ने अभद्र व्यवहार, पीछा करने, रेकी करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजन रिजवी समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा में प्रदेश स्तर के पदाधिकारी रहे हैं। मामले में FIR दर्ज होने के बाद पार्टी की ओर से उन्हें पद से हटा दिया गया। इस पूरे प्रकरण को लेकर मथुरा में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
महिला बैंककर्मी ने शिकायत में क्या कहा?
महिला बैंककर्मी के मुताबिक, आरोपी राजन रिजवी बैंक में ग्राहक के तौर पर आते थे। शिकायत में आरोप है कि बैंक आने के दौरान उनका व्यवहार महिला के प्रति असहज करने वाला था। महिला का कहना है कि उसने राजन रिजवी को अपना निजी मोबाइल नंबर नहीं दिया था, इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह उसका नंबर हासिल कर लिया और उसके बाद संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में फोन कॉल और फिर व्हाट्सऐप संदेश भेजे गए। महिला ने जब इन संदेशों का जवाब नहीं दिया और नंबर ब्लॉक कर दिया तो कथित तौर पर आरोपी की ओर से बैंक आकर फोन नहीं उठाने को लेकर सवाल किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR निकलवाने की धमकी दी गई।
महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि राजन रिजवी उसके और उसके परिवार के बारे में निजी जानकारी जुटाने तथा उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश कर रहे थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला और उसके पति की कथित रेकी किए जाने के आरोप भी शिकायत में सामने आए हैं।
व्हाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट सामने आने का दावा
मामले में कथित व्हाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट भी सामने आया है, जिसे विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने प्रकाशित किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, संदेश में राजन रिजवी ने महिला की पर्सनैलिटी और नौकरी को लेकर टिप्पणी की तथा भविष्य में राजनीति में आगे बढ़ने और सरकार बनने की स्थिति में उसे मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करने की बात लिखी।
संदेश में महिला की खूबसूरती और व्यक्तित्व की तारीफ किए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, किसी वायरल या कथित चैट की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच का विषय है, इसलिए चैट की प्रामाणिकता और उसके पूरे संदर्भ को जांच के निष्कर्ष के बाद ही अंतिम रूप से स्थापित माना जा सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
महिला की शिकायत के बाद मथुरा की कोतवाली पुलिस ने राजन रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायत में महिला ने परेशान करने और आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने की बात कही थी। मामले में आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि अभी सामने आए आरोप शिकायत और FIR में लगाए गए आरोप हैं। अंतिम रूप से क्या हुआ, इसकी पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
सपा ने राजन रिजवी को पद से हटाया
मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, राजन रिजवी को अल्पसंख्यक सभा में उनके पद से हटा दिया गया। पार्टी स्तर पर हुई इस कार्रवाई के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
इसके बाद मथुरा में सपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा नेतृत्व ने मथुरा जिले की जिला, महानगर और फ्रंटल संगठनों समेत कई इकाइयों को भंग कर दिया। रिपोर्ट में इसे राजन रिजवी प्रकरण के बाद हुई पार्टी कार्रवाई से जोड़कर देखा गया है। हालांकि पार्टी के संगठनात्मक फैसले के अलग-अलग कारण भी हो सकते हैं।
महिला के पति वन विभाग में अधिकारी बताए गए
शिकायत से संबंधित मीडिया रिपोर्टों में महिला के पति के वन विभाग में अधिकारी होने का भी उल्लेख किया गया है। महिला का आरोप है कि मामले के दौरान उसके परिवार से जुड़ी निजी जानकारी जुटाने और निगरानी करने की कोशिश की गई। कुछ रिपोर्टों में पति के खिलाफ शिकायतें करवाकर दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल पुलिस जांच के जरिए होनी बाकी है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मथुरा का यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस के सामने कथित व्हाट्सऐप संदेश, मोबाइल नंबर हासिल किए जाने, फोन कॉल, कथित धमकी और पीछा किए जाने जैसे आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या डिजिटल या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच की जा रही है। वहीं, राजन रिजवी की ओर से इन आरोपों पर उनका पक्ष क्या है, यह भी जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना के संबंध में उनका सार्वजनिक पक्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल मथुरा में महिला बैंककर्मी की शिकायत पर सपा नेता राजन रिजवी के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, पार्टी की ओर से उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।
स्रोत: अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य प्रकाशित रिपोर्टें।
