पीएम मोदी के जन्मदिन पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा संकल्प, मरणोपरांत अंगदान का लिया प्रण
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंगदान को लेकर बड़ा संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के आधिकारिक अंगदान प्लेटफॉर्म पर स्वयं को अंगदाता के रूप में पंजीकृत कराया और मरणोपरांत अपने अंगों के दान का संकल्प पत्र भरा। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को जो शरीर दिया है, वह जीवन समाप्त होने के बाद भी किसी जरूरतमंद के काम आ सके, इससे बड़ा जनसेवा का भाव क्या हो सकता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मरणोपरांत केवल अपने अंग ही नहीं, बल्कि पूरी बॉडी दान करने का प्रण पहले ही लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने इस संकल्प को आधिकारिक रूप से दिल्ली सरकार के प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत कराया और इसका प्रमाणपत्र प्राप्त किया।
उन्होंने लोगों से भी अंगदान के लिए आगे आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता और सेवा से जुड़ा ऐसा कार्य है, जिसके जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को जीवन की नई उम्मीद मिल सकती है।
दिल्ली में शुरू हुआ आधिकारिक अंगदान प्लेटफॉर्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दिल्ली सरकार ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इसके साथ ही दिल्ली में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) को भी सक्रिय किया गया है। यह व्यवस्था अंग और ऊतक दान तथा प्रत्यारोपण से संबंधित गतिविधियों के बेहतर समन्वय के उद्देश्य से शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्लेटफॉर्म पर स्वयं को डोनर के तौर पर पंजीकृत कराकर अभियान की शुरुआत की। दिल्ली सरकार का उद्देश्य अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक नागरिकों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, अंगदान से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जीबी पंत अस्पताल में SOTTO को कार्यशील किया गया है। इसका उद्देश्य अंग एवं ऊतक दान से संबंधित गतिविधियों और प्रत्यारोपण प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
किन अंगों और ऊतकों के दान का संकल्प?
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मरणोपरांत कई महत्वपूर्ण अंगों और ऊतकों के दान का संकल्प लिया है। इनमें हृदय, आंत, अग्न्याशय, लिवर, किडनी, फेफड़े, बोन और अन्य ऊतक शामिल बताए गए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट में आंखों की कॉर्निया और हाथ सहित कई अंगों एवं ऊतकों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि अंगदान की वास्तविक प्रक्रिया मृत्यु के बाद निर्धारित चिकित्सकीय और कानूनी नियमों के अनुसार ही होती है। दिल्ली सरकार के अंगदान संबंधी आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, मृतक दाता से कई अंगों और ऊतकों का दान संभव है, लेकिन इसके लिए चिकित्सकीय जांच और निर्धारित सहमति प्रक्रिया जरूरी होती है।
इसलिए मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया संकल्प एक पूर्व अंगदान प्रतिज्ञा है, जबकि वास्तविक अंगदान संबंधित चिकित्सकीय परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
‘मरणोपरांत भी शरीर जनसेवा के काम आए’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संकल्प को जनसेवा से जोड़ते हुए कहा कि मनुष्य को मिला शरीर जीवन के दौरान समाज के काम आता है और मृत्यु के बाद भी यदि उसके अंग किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में उपयोगी हो सकें तो यह सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने काफी समय पहले मरणोपरांत अंग और शरीर दान करने का प्रण लिया था, लेकिन अब दिल्ली सरकार के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर डोनर के रूप में पंजीकरण कराकर इसे औपचारिक रूप दिया है।
उनका यह कदम ऐसे समय पर सामने आया जब दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मना रही थी। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है और इसके तहत स्वास्थ्य, रक्तदान, अंगदान, स्वच्छता, पौधरोपण तथा अन्य जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रक्तदान भी किया
अंगदान के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित मेगा ब्लड डोनेशन कैंप में स्वयं रक्तदान भी किया। दिल्ली सरकार के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शिविर में कुल 2,080 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा समेत दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने भी रक्तदान किया। मुख्यमंत्री ने रक्तदान को मानवता और संवेदना से जुड़ी सेवा बताते हुए लोगों से ऐसे अभियानों में भाग लेने का आह्वान किया।
सेवा संकल्प अभियान में कई कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली सरकार की ओर से कई जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें रक्तदान अभियान, अंगदान जागरूकता, स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम और विभिन्न जनसेवा पहल शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान दिल्ली सरकार के अंगदान प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इसके अलावा छात्रों द्वारा तैयार किए गए विशेष गीत भी लॉन्च किए गए। शाम को कर्तव्य पथ पर ‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान के तहत बड़ी संख्या में मिट्टी के दीपक जलाने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इस पूरे अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनभागीदारी और सेवा गतिविधियों से जोड़ना बताया गया है। दिल्ली सरकार ने एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत अलग-अलग विभागों को जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी दी है।
अंगदान से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने पर जोर
अंगदान को लेकर देश में जागरूकता बढ़ाना लंबे समय से स्वास्थ्य क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। दिल्ली सरकार के आधिकारिक अंगदान पोर्टल के अनुसार, अंगदान का उद्देश्य अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों का जीवन बचाना या उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। मृत्यु के बाद ब्रेन-स्टेम डेथ या अन्य निर्धारित चिकित्सकीय परिस्थितियों में कई अंगों का दान संभव हो सकता है।
ऐसे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्वयं अंगदान के लिए पंजीकरण कराना इस विषय को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाने वाला कदम है। अब अभियान के माध्यम से कितने लोग अंगदान का संकल्प लेते हैं और दिल्ली में अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को इससे कितना प्रोत्साहन मिलता है, यह आगे देखने वाली बात होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अंगदान संकल्प और रक्तदान अभियान, दिल्ली सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने अपने इस कदम के जरिए लोगों से अपील की कि जीवन के बाद भी मानव शरीर समाज और जरूरतमंदों की सेवा में उपयोगी बन सकता है।
स्रोत: दिल्ली सरकार से संबंधित जानकारी एवं प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स।