बदायूं: हत्या के मामले में सह-अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित ने एसएसपी से लगाई गुहार, पुलिस पर टाल-मटोल का आरोप।
बदायूं। जनपद के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव ब्यौर निवासी एक युवक ने हत्या के मामले में नामजद सह-अभियुक्त की अब तक गिरफ्तारी न होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बदायूं से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस की लापरवाही और कथित टाल-मटोल के कारण हत्या का सह-अभियुक्त खुलेआम घूम रहा है तथा लगातार उसे और उसके परिवार को धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव ब्यौर निवासी राजवीर पुत्र कालीचरण ने एसएसपी बदायूं को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके दादा राधेलाल की 10 जुलाई 2026 को कथित रूप से ऐवरन और राकेश द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना बिनावर में मुकदमा अपराध संख्या 189/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तो शुरू की, लेकिन नामजद सह-अभियुक्त राकेश की अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई। जबकि वह क्षेत्र में खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित पक्ष को लगातार डराने-धमकाने का काम कर रहा है।
राजवीर का कहना है कि सह-अभियुक्त राकेश खुलेआम यह कहता फिर रहा है कि उसकी पुलिस से “सेटिंग” हो चुकी है और उसका नाम मुकदमे से निकल जाएगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दे रहा है, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर है।
प्रार्थना पत्र में राजवीर ने 17 जुलाई 2026 की रात की एक घटना का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, रात लगभग 10 बजे वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसने सह-अभियुक्त राकेश की छत पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। आशंका होने पर उसने तत्काल थाना बिनावर के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) को अपने मोबाइल फोन से रात 10:08 बजे और 10:17 बजे कॉल कर सूचना दी।
हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। उनका कहना है कि पुलिस का रवैया पूरे मामले में गंभीरता दिखाने के बजाय टाल-मटोल वाला रहा, जिससे आरोपी का मनोबल बढ़ा है और पीड़ित परिवार की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
राजवीर ने एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि यदि सह-अभियुक्त को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उसने अपने प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), उत्तर प्रदेश तथा पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), बरेली परिक्षेत्र को भी भेजी है, ताकि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
यह मामला अब जनपद में चर्चा का विषय बन गया है। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से इस प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसएसपी बदायूं इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और नामजद सह-अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई करती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है या नहीं।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।)
