अभिजीत दीपके का दावा: ‘भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है, लोकतंत्र की रक्षा के लिए देशभर से जुट रहे लोग’
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए देशभर से लोग एकजुट होकर दिल्ली पहुंच रहे हैं।

अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें की गई हैं। उनका आरोप था कि जनता की आवाज को दबाने और विरोध के अधिकार को सीमित करने के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं होता, बल्कि जनता की भागीदारी, विरोध दर्ज कराने की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के सम्मान से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।
उन्होंने जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहे धरना-प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों की सराहना की। उनके अनुसार, लगातार एक महीने तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर लोगों ने लोकतंत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि उन सभी नागरिकों का है जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के पक्षधर हैं।
अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा कि जब वह अमेरिका में थे, तब कई लोगों का मानना था कि भारत में चल रहा यह अभियान केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा और वास्तविक जनसमर्थन नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को लगता था कि कुछ दिनों तक सोशल मीडिया पर चर्चा होगी और फिर मामला शांत हो जाएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
उन्होंने दावा किया कि आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों प्रमुख सड़कें लोगों से खचाखच भरी हुई हैं। उनके अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से हजारों लोग लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे जनता की बढ़ती भागीदारी और लोकतांत्रिक चेतना का प्रमाण बताया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि लोग संसद तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं तो उन्हें रोका नहीं जाना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “हमें संसद जाने से कोई नहीं रोक सकता।”
उन्होंने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाए। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचना आवश्यक है, क्योंकि आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसका शांतिपूर्ण स्वरूप और जनता का विश्वास होता है।
अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं, किसानों, छात्रों, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोग आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति लोगों की जागरूकता का प्रतीक बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत होता है। यदि जनता अपनी समस्याओं और मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रखती है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखना है।
इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन तभी प्रभावी माना जाएगा जब वह पूरी तरह शांतिपूर्ण, संगठित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संचालित हो।
उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित के आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां समय-समय पर विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किए जाते रहे हैं। अभिजीत दीपके का यह बयान भी ऐसे समय आया है जब राजधानी दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
हालांकि, अभिजीत दीपके द्वारा किए गए कई दावे—जैसे “भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च” या “चारों सड़कें पूरी तरह भरी हुई हैं”—उनके व्यक्तिगत दावे हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
फिलहाल जंतर-मंतर का यह आंदोलन राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या तथा प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
