पचमढ़ी मार्ग पर टाइगरों का आतंक: चलती कार और बाइक सवार दंपति पर हमला, बाल-बाल बचे पर्यटक।

पचमढ़ी मार्ग पर टाइगरों का आतंक: चलती कार और बाइक सवार दंपति पर हमला, बाल-बाल बचे पर्यटक।

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नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश)। प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी जाने वाले मार्ग पर टाइगरों की बढ़ती गतिविधियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम जिले के अंतर्गत झिरिया से मटकुली के बीच सड़क किनारे घूम रहे कई टाइगरों के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। देर रात दो टाइगरों ने एक चलती कार पर हमला कर दिया, जबकि एक बाइक सवार दंपति भी इनके हमले का शिकार होते-होते बच गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पचमढ़ी मार्ग पर झिरिया से मटकुली के बीच बीते कुछ दिनों से टाइगरों की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस क्षेत्र में करीब आधा दर्जन टाइगर सड़क और उसके आसपास घूमते नजर आ रहे हैं। इससे रात्रि के समय यात्रा करने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

रात दो बजे चलती कार पर किया हमला।

घटना देर रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया निवासी सुजीत पटवा नागपुर से अपने घर लौट रहे थे। जब उनकी कार डोकरीखेड़ा और झिरिया के बीच पहुंची, तभी अचानक एक टाइगर सड़क पर आ गया और कार की ओर झपटा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले सड़क किनारे छिपा बैठा दूसरा टाइगर भी बाहर निकल आया और कार पर हमला करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि एक टाइगर ने कार के शीशे पर पंजा भी मारा। अचानक हुए इस हमले से कार सवारों के होश उड़ गए।

स्थिति को भांपते हुए चालक ने हिम्मत दिखाई और कार की गति बढ़ाकर वहां से निकल गया। दोनों टाइगर कुछ दूरी तक कार के पीछे भी दौड़े, लेकिन वाहन तेज गति से आगे निकल गया। इस तरह कार सवारों की जान बाल-बाल बच गई।

बाइक सवार दंपति भी बने निशाना।

इसी दौरान वन विभाग के चेकपोस्ट पर पहुंचे एक बाइक सवार दंपति ने भी चौंकाने वाली जानकारी दी। दंपति का कहना था कि रास्ते में एक टाइगर ने उनकी बाइक की ओर भी हमला करने का प्रयास किया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई और तेजी से बाइक चलाकर चेकपोस्ट तक पहुंचे।

दंपति ने वन विभाग के कर्मचारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। इससे पहले कि कर्मचारी कोई कार्रवाई कर पाते, क्षेत्र में टाइगरों की मौजूदगी की खबर तेजी से फैल गई।

पर्यटकों में दहशत, वन विभाग सतर्क।

पचमढ़ी मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर टाइगरों की बढ़ती गतिविधियां सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। खासकर रात के समय सफर करने वाले लोग अब इस मार्ग से गुजरने में डर महसूस कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से टाइगर आबादी वाले इलाकों और सड़कों के आसपास अधिक दिखाई देने लगे हैं। वन क्षेत्र से बाहर निकलकर सड़क पर आना न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों के आसपास स्थित क्षेत्रों में रात के समय वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि सड़क पर कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो वाहन रोककर उसके नजदीक जाने या फोटो खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। साथ ही अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाने या जानवरों को उकसाने से भी बचना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार टाइगर सामान्यतः इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन यदि उन्हें खतरा महसूस हो या वे अचानक किसी वाहन के सामने आ जाएं तो आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने वन विभाग से पचमढ़ी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में टाइगरों की गतिविधियां अधिक हैं, वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और रात के समय अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की जाए।

फिलहाल इस घटना ने पचमढ़ी मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। सौभाग्य से इस मामले में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लगातार बढ़ रही टाइगर गतिविधियां भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही हैं। वन विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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