टिसुआ चौराहे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से नंदी महाराज की मौत, गौ रक्षक विकास ठाकुर ने कराया सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार।
फरीदपुर/बरेली। जनपद बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र स्थित टिसुआ चौराहे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक नंदी महाराज (गोवंश) की अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गौ रक्षक विकास ठाकुर मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन को सूचना देकर नंदी महाराज का पूरे विधि-विधान एवं सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार समाजसेवी प्रियांश गंगवार ने गौ रक्षक विकास ठाकुर को सूचना दी कि ग्राम टिसुआ के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से नंदी महाराज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है।
इसके बाद गौ रक्षक विकास ठाकुर ने तत्काल थाना प्रभारी राजकुमार को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। साथ ही पुलिसकर्मी दीवान गौतम भी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से नंदी महाराज के शव को सम्मानपूर्वक उठाया गया तथा धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कराया गया।
इस दौरान गौ रक्षक विकास ठाकुर ने क्षेत्र में लगातार हो रही गोवंश दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि टिसुआ चौराहा, रामपुर कमन, पचौनी अड्डा तथा तहसील फरीदपुर के कई अन्य स्थानों पर आए दिन आवारा गोवंश सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से लगातार गोवंशों की मौत हो रही है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आवारा गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रही है। उनके अनुसार कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी और प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया है। उनका कहना है कि कई मामलों में केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहकर खानापूर्ति की जा रही है।
विकास ठाकुर ने प्रशासन से मांग की कि सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां विशेष इंतजाम किए जाएं। साथ ही आवारा गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क हादसों में गोवंशों की मौत के साथ-साथ आम लोगों की जान भी सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल योजनाओं और कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि टिसुआ चौराहा और आसपास के क्षेत्रों में आवारा गोवंशों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और गोवंशों का जीवन सुरक्षित रह सके।

विकास ठाकुर ने प्रशासन से मांग की कि सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां विशेष इंतजाम किए जाएं। साथ ही आवारा गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क हादसों में गोवंशों की मौत के साथ-साथ आम लोगों की जान भी सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल योजनाओं और कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि टिसुआ चौराहा और आसपास के क्षेत्रों में आवारा गोवंशों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और गोवंशों का जीवन सुरक्षित रह सके।
पुलिस प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए नंदी महाराज के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। वहीं स्थानीय नागरिकों ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
