उझानी में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन, देशभक्ति के रंग में रंगा विद्यालय परिसर
उझानी। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार, 25 सितंबर को गुलज़ारी लाल चंपालाल सरस्वती शिशु मंदिर, रेलवे रोड उझानी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कराया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों, अभिभावकों तथा नगर के गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। सामूहिक गायन के दौरान पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के महत्व और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालने के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रभुदास प्रवीण शर्मा महाराज ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों को वंदे मातरम् के इतिहास, महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व देश की परिस्थितियों तथा उस दौर में वंदे मातरम् की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने वाला महत्वपूर्ण गीत रहा है। इसके माध्यम से देशवासियों में मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण की भावना को मजबूती मिली। स्वतंत्रता आंदोलन के समय अनेक देशभक्तों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए वंदे मातरम् प्रेरणा का माध्यम बना। उन्होंने विद्यार्थियों को देश के इतिहास और राष्ट्रीय भावना से जुड़े ऐसे प्रसंगों को समझने तथा उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के लिए यह आवश्यक है कि वह देश के स्वतंत्रता संघर्ष और उससे जुड़े राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को जाने। वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ जैसे अवसर विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने तथा उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम बनते हैं।
इसके बाद विद्यालय के भैया-बहनों तथा उपस्थित अतिथियों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। विद्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने भी पूरे सम्मान और भाव के साथ सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय सक्सेना ने की। इस अवसर पर अनुराग सिंह, स्टेशन मास्टर उझानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा डा. पीके गोयल और प्रवीण मित्तल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विद्यालय के भैया-बहनों के अभिभावक बंधुओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए आयोजन को अपना सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के संयोजक आशुतोष शर्मा रहे। उनके संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अनुशासन और उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को भारत के स्वतंत्रता संघर्ष, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति से जुड़े इतिहास से परिचित कराना भी रहा। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार माथुर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यालय के आचार्यों तथा भैया-बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी के प्रति धन्यवाद प्रकट किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि राष्ट्रीय पर्वों और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह सामूहिक गायन कार्यक्रम भी इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों ने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया। अंत में राष्ट्रभावना के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
