उझानी में भारतीय किसान यूनियन (हल) की बैठक संपन्न, किसानों की समस्याओं के समाधान की उठी मांग, आंदोलन की चेतावनी।
बदायूं/उझानी। जनपद बदायूं के उझानी स्थित अवंतिका पैलेस में भारतीय किसान यूनियन (हल) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक परम पूज्य संत श्री रमेश नंद गिरि महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अतुल तोमर ने की। इस दौरान संगठन के विस्तार को लेकर नए सदस्यों एवं पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई तथा किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के उद्देश्य और किसान हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अतुल तोमर ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (हल) का मुख्य उद्देश्य किसानों, गरीबों और मजदूरों पर हो रहे शोषण को रोकना तथा उन्हें न्याय दिलाना है। संगठन हमेशा किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन में शामिल किए गए नए सदस्यों एवं पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए कहा कि संगठन की मजबूती उसकी सक्रिय कार्यशैली और जनसंपर्क पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ किसानों के बीच काम करने तथा उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का आह्वान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संरक्षक परम पूज्य संत श्री रमेश नंद गिरि महाराज ने कहा कि देश का किसान और मजदूर समाज की रीढ़ है। यदि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने और उनके समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन ने मांग की कि किसानों की फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का सही प्रतिफल मिल सके। इसके साथ ही सरकारी खरीद समय पर शुरू करने की मांग भी उठाई गई, जिससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।

संगठन ने सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि समय पर सिंचाई और बिजली नहीं मिलने से किसानों की लागत बढ़ जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इसलिए सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
बैठक में आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में किसान आवारा पशुओं के कारण भारी नुकसान झेल रहे हैं। किसानों को रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। संगठन ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

इसके अलावा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। संगठन का कहना था कि कई पात्र किसान जानकारी के अभाव या प्रशासनिक लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक पात्र किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अतुल तोमर ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि भारतीय किसान यूनियन (हल) हमेशा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि किसानों को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान कराना है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। यदि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य, समय पर सरकारी खरीद, पर्याप्त सिंचाई, बिजली और आवारा पशुओं से सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो किसानों का आक्रोश बढ़ना स्वाभाविक है।
बैठक के अंत में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही गांव-गांव जाकर किसानों को संगठन से जोड़ने और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।

भारतीय किसान यूनियन (हल) की इस बैठक को संगठन की आगामी रणनीति और किसान हितों से जुड़े आंदोलनों की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि किसानों की मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से किसानों की आवाज बुलंद की जाएगी।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।