उझानी में बिजली संकट गहराया: मैमिया कॉलोनी में चार दिन से अंधेरा, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग।

उझानी में बिजली संकट गहराया: मैमिया कॉलोनी में चार दिन से अंधेरा, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग।

भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से बढ़ी परेशानी, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित।

बदायूं जनपद के उझानी कस्बे में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सबसे खराब स्थिति नवीन गल्ला मंडी के बराबर स्थित मैमिया कॉलोनी की बताई जा रही है, जहां पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इलाके में लगातार अंधेरा छाया हुआ है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बिजली विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। दिन में तेज धूप और रात में उमस भरी गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है।

पानी के लिए मची मारामारी।

बिजली न होने का सबसे बड़ा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। अधिकांश घरों में सबमर्सिबल और पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं, जिसके चलते लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवार बाल्टियों और डिब्बों में दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं।

महिलाओं का कहना है कि सुबह होते ही पानी भरने की चिंता शुरू हो जाती है। कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है। बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि पिछले चार दिनों से बिजली न आने के कारण घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। रातभर लोग छतों और गलियों में जागकर समय बिताने को मजबूर हैं।

भीषण गर्मी ने बढ़ाई मुश्किल।

मई महीने की तपती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने पहले ही लोगों को परेशान कर रखा है। ऐसे में बिजली कटौती ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। दिन के समय घरों में पंखे और कूलर बंद पड़े रहते हैं, जबकि रात में मच्छरों का आतंक लोगों की नींद छीन रहा है।

बुजुर्गों का कहना है कि इतनी खराब बिजली व्यवस्था उन्होंने पिछले कई वर्षों में नहीं देखी। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल से लौटने के बाद बच्चे गर्मी और उमस से बेहाल हो जाते हैं।

सिर्फ मैमिया कॉलोनी ही नहीं, पूरे उझानी में संकट।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ मैमिया कॉलोनी तक सीमित नहीं है। उझानी के कई मोहल्लों में लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो लगभग पूरे कस्बे में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।

कई जगह ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं, तो कहीं जर्जर लाइनें समस्या का कारण बनी हुई हैं। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग शिकायत सुनने के बाद भी गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

व्यापारियों पर भी पड़ा असर।

बिजली संकट का असर व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि लगातार बिजली गुल रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम और अन्य ठंडी वस्तुओं का कारोबार बढ़ता है, लेकिन बिजली न होने से सामान खराब होने लगा है।

छोटे कारोबारी और दुकानदार जनरेटर का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। कई दुकानों में अंधेरा पसरा रहता है, जिससे ग्राहक भी कम आ रहे हैं।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर।

लगातार गर्मी और बिजली कटौती का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह की परिस्थितियों में डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

बिजली न होने के कारण कई घरों में दवाइयां और जरूरी मेडिकल उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनती जा रही है।

लोगों में बढ़ रहा आक्रोश।

उझानी के लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को फोन और शिकायत के माध्यम से जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लोगों का कहना है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

प्रशासन से लगाई मदद की गुहार।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार चार दिन तक बिजली गुल रहना बेहद गंभीर मामला है।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि खराब ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान भी किया जाए।

जिम्मेदार कौन?

हर साल गर्मी के मौसम में उझानी समेत जिले के कई इलाकों में बिजली संकट गहराता दिखाई देता है। सवाल यह उठता है कि आखिर बार-बार ऐसी स्थिति क्यों पैदा होती है। क्या बिजली विभाग गर्मी के मौसम से पहले पर्याप्त तैयारी नहीं करता?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर व्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

फिलहाल उझानी के लोग यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत दिलाएगा। क्योंकि भीषण गर्मी में बिना बिजली और पानी के जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।

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