NEET पेपर लीक विवाद पर संसद में दूसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष के निशाने पर केंद्र सरकार; सरकार बोली- दोषियों पर हो रही सख्त कार्रवाई।
नई दिल्ली | जनपद न्यूज़ 24 यूपी | विशेष संवाददाता।
संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलनों को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को भी संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सरकार आमने-सामने दिखाई दिए। विपक्ष ने जहां नीट पेपर लीक, छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए, वहीं सरकार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करने में विफल रही है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी को लेकर सदन में लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जैसे ही नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए। सूत्रों का कहना है कि विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पूरी तरह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
सरकार का कहना है कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 13 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं ताकि इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने दोहराया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे “घोर पाप” बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हैं और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय बताते हुए सभी राज्य सरकारों और केंद्र से मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
बताया गया कि प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों से कहा कि वे युवाओं के बीच जाएं, उनसे संवाद करें और उनका विश्वास मजबूत करें। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि युवाओं को गुमराह करना आसान है, लेकिन उन्हें सही दिशा दिखाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में नीट पेपर लीक विवाद पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि यदि विपक्ष रचनात्मक चर्चा चाहता है तो वह हर सवाल का जवाब देने और अपनी बात रखने के लिए तैयार है।
वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर लगातार सरकार को घेर रहा है। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर छात्रों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस द्वारा कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने संसद में इस पूरे मामले पर चर्चा कराने, प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग भी उठाई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद का मानसून सत्र लगातार राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर और तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक भी इस मामले पर सरकार की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। अब सभी की निगाहें संसद में होने वाली संभावित चर्चा, सीबीआई जांच की प्रगति और सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में किए जाने वाले सुधारों पर टिकी हैं।
