IND vs ENG: आखिरी टी20 में सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया, प्लेइंग-11 में हो सकते हैं बड़े बदलाव; इंग्लैंड की नजर 4-0 की बढ़त पर।

IND vs ENG: आखिरी टी20 में सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया, प्लेइंग-11 में हो सकते हैं बड़े बदलाव; इंग्लैंड की नजर 4-0 की बढ़त पर।

स्पोर्ट्स डेस्क | जनपद न्यूज़ 24 यूपी।

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (11 जुलाई) को साउथम्प्टन के द रोज बाउल मैदान पर खेला जाएगा। सीरीज में अब तक भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और इंग्लैंड ने शुरुआती मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। ऐसे में अंतिम मैच भारतीय टीम के लिए केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि सम्मान बचाने की लड़ाई भी होगा। दूसरी ओर मेजबान इंग्लैंड की नजर इस मैच को जीतकर सीरीज को 4-0 के अंतर से अपने नाम करने पर रहेगी।

इस दौरे पर भारतीय टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही विभाग अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। कई मौकों पर अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद बल्लेबाजी क्रम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाया, जबकि गेंदबाज भी दबाव के क्षणों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं रहे। यही वजह रही कि भारतीय टीम सीरीज में अब तक कोई मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकी।

प्लेइंग-11 में बदलाव की संभावना।

सीरीज गंवाने के बाद टीम प्रबंधन अंतिम मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की तैयारियों को मजबूत करने की रणनीति अपना सकता है। माना जा रहा है कि टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है।

सबसे बड़ी चर्चा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर है। टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम में संतुलन लाने के लिए उन्हें नंबर-3 पर उतार सकता है। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के खिलाफ दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का बेहतर संयोजन बनाने की कोशिश की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो ईशान किशन को अंतिम एकादश से बाहर बैठना पड़ सकता है।

संजू सैमसन लंबे समय से सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करते रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन उन पर भरोसा जता सकता है। यदि उन्हें अवसर मिलता है तो वह मध्यक्रम को मजबूती देने का प्रयास करेंगे।

सूर्यांश शेडगे को मिल सकता है मौका।

भारतीय टीम युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की नीति पर भी लगातार काम कर रही है। ऐसे में युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को डेब्यू या इस दौरे में पहला मौका मिल सकता है। शेडगे बल्लेबाजी के साथ-साथ उपयोगी गेंदबाजी भी कर सकते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

टी20 क्रिकेट में ऑलराउंडरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे खिलाड़ियों के होने से कप्तान के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अधिक विकल्प उपलब्ध रहते हैं। इसी कारण शेडगे को अंतिम मुकाबले में आजमाया जा सकता है।

रवि बिश्नोई की वापसी संभव।

स्पिन विभाग में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को अंतिम मुकाबले की प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। इंग्लैंड की बल्लेबाजी के खिलाफ बिश्नोई अपनी विविधता और तेज गति वाली लेग स्पिन से प्रभाव छोड़ सकते हैं।

बीच के ओवरों में विकेट निकालने की जिम्मेदारी स्पिन गेंदबाजों पर रहती है और बिश्नोई इस भूमिका को अच्छी तरह निभाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उन्हें मौका देकर गेंदबाजी आक्रमण को नया रूप दे सकता है।

बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी।

भारतीय टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को इस मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पिछले मैचों में अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में टीम असफल रही। यदि भारत को अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज करनी है तो सलामी बल्लेबाजों के साथ मध्यक्रम को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।

इसके अलावा डेथ ओवरों में तेज रन बनाने और विकेट बचाकर रखने की रणनीति भी बेहद अहम होगी। टी20 क्रिकेट में अंतिम पांच ओवर मैच का रुख बदल सकते हैं और भारत को इस विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

गेंदबाजों को दिखाना होगा दम।

भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों को रोकने की बड़ी चुनौती होगी। शुरुआती विकेट हासिल करना भारत के लिए बेहद जरूरी रहेगा। यदि नई गेंद से सफलता मिलती है तो मेजबान टीम पर दबाव बनाया जा सकता है।

मध्य ओवरों में स्पिनरों की भूमिका भी अहम रहेगी, जबकि डेथ ओवरों में तेज गेंदबाजों को सटीक यॉर्कर और धीमी गेंदों का इस्तेमाल करना होगा। पिछले मुकाबलों में इसी विभाग में भारतीय टीम कमजोर नजर आई थी।

इंग्लैंड का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर।

मेजबान इंग्लैंड इस समय पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। लगातार तीन मुकाबले जीतने के बाद टीम का मनोबल काफी ऊंचा है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में इंग्लैंड ने अब तक संतुलित प्रदर्शन किया है।

इंग्लैंड की कोशिश होगी कि अंतिम मैच जीतकर सीरीज को 4-0 के अंतर से अपने नाम किया जाए और घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ सीरीज समाप्त की जाए।

सम्मान की लड़ाई।

हालांकि सीरीज का परिणाम पहले ही तय हो चुका है, लेकिन अंतिम मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। भारत इस मैच को जीतकर हार के सिलसिले को रोकना चाहेगा और सकारात्मक संदेश के साथ दौरे का समापन करना चाहेगा। वहीं इंग्लैंड अपने विजयी अभियान को जारी रखते हुए सीरीज में और बड़ी बढ़त दर्ज करने की कोशिश करेगा।

क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब साउथम्प्टन के रोज बाउल पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला आत्मविश्वास वापस पाने और भविष्य की तैयारियों को मजबूती देने का सुनहरा अवसर होगा, जबकि इंग्लैंड अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए सीरीज का शानदार समापन करना चाहेगा।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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