पुलिस व्यवस्था होगी हाईटेक: CM Yogi Adityanath ने दिए डिजिटल संचार और लाइव मॉनिटरिंग के निर्देश।

यूपी पुलिस को तकनीक से लैस करने की बड़ी तैयारी, अलीगढ़ और आजमगढ़ में बन सकते हैं डीआईजी रेडियो मुख्यालय।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए पुलिस रेडियो यूनिट को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस संचार व्यवस्था की गोपनीयता, सुरक्षा और तकनीकी मजबूती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक केंद्रीकृत सेंट्रल डैशबोर्ड तैयार किया जाए, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत नजर रखी जा सके और समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक निर्बाध एवं सुरक्षित वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस संचार व्यवस्था को बनाया जाएगा अत्याधुनिक।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है। साइबर अपराध, संगठित अपराध और संवेदनशील मामलों में त्वरित सूचना आदान-प्रदान बेहद आवश्यक हो गया है। ऐसे में पुलिस विभाग की रेडियो और वायरलेस संचार प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से लैस करना समय की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता किसी भी सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ होती है। यदि संचार व्यवस्था सुरक्षित और मजबूत होगी तो पुलिस की कार्रवाई अधिक प्रभावी और तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली विकसित की जाए, जिससे पुलिस नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
सभी थानों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए बनेगा सेंट्रल डैशबोर्ड।
मुख्यमंत्री की बैठक में प्रदेश के सभी पुलिस थानों को डिजिटल निगरानी नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को एक सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
इस सेंट्रल डैशबोर्ड के जरिए वरिष्ठ अधिकारी किसी भी जिले या थाने की गतिविधियों की लाइव निगरानी कर सकेंगे। इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और संवेदनशील मामलों में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से थानों में अनुशासन बेहतर होगा, शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी और आम जनता का भरोसा भी पुलिस पर बढ़ेगा।
अलीगढ़ और आजमगढ़ को मिल सकती है बड़ी सौगात।
बैठक में पुलिस रेडियो विभाग के ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय Azamgarh तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय Aligarh में स्थापित किए जाने पर विचार किया गया।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो दोनों क्षेत्रों में पुलिस संचार व्यवस्था की निगरानी और संचालन पहले से अधिक प्रभावी हो जाएगा। इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में वायरलेस नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
अलीगढ़ को संभावित मुख्यालय बनाए जाने की खबर से क्षेत्रीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इससे प्रशासनिक गतिविधियों के साथ रोजगार और तकनीकी संसाधनों में भी वृद्धि हो सकती है।
47 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होंगी डिजिटल वायरलेस सेवाएं।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश के 12 जनपदों में लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस योजना के अंतर्गत पुराने एनालॉग सिस्टम की जगह अत्याधुनिक डिजिटल वायरलेस तकनीक लागू की जाएगी। डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों के बीच संचार पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट, तेज और सुरक्षित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल वायरलेस सेवा से नेटवर्क बाधाओं में कमी आएगी और आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी।
लखनऊ कमिश्नरेट में विकसित होगी आधुनिक हैंड हेल्ड संचार व्यवस्था।
बैठक में पुलिस कमिश्नरेट Lucknow के लिए आधुनिक हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत पुलिस कर्मियों को आधुनिक पोर्टेबल संचार उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनकी मदद से फील्ड में कार्य कर रहे पुलिसकर्मी लगातार संपर्क में रह सकेंगे।
सरकार का मानना है कि आधुनिक हैंड हेल्ड डिवाइस पुलिस ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाएंगे और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट रहेगा सभी कर्मचारियों का डेटा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस विभाग के प्रशासनिक कार्यों को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन रखा जाए ताकि सेवा संबंधी सभी सूचनाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चरित्र पंजिका, अवकाश, सेवा रिकॉर्ड तथा अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि कर्मचारियों को भी अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि केवल आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस कर्मियों को नई तकनीकों के उपयोग का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिस कर्मियों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, डिजिटल संचार प्रणाली संचालन, साइबर सुरक्षा और संचार गुणवत्ता सुधार से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम पुलिस बल ही भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है।
कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य की कानून-व्यवस्था को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती है। डिजिटल मॉनिटरिंग, सुरक्षित वायरलेस नेटवर्क और आधुनिक संचार तकनीकों के जरिए पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
प्रदेश सरकार लगातार पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली, साइबर सेल, स्मार्ट कंट्रोल रूम और डिजिटल अपराध निगरानी तंत्र जैसे कई कदम उठाए गए हैं। अब रेडियो एवं वायरलेस प्रणाली को हाईटेक बनाने की योजना इसी श्रृंखला का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
जनता को मिलेगा बेहतर सुरक्षा माहौल
सरकार का उद्देश्य केवल पुलिस विभाग को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। यदि संचार व्यवस्था मजबूत होगी तो पुलिस किसी भी घटना पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेगी और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में निर्बाध संचार व्यवस्था लागू होने से पुलिस की पहुंच पहले से अधिक मजबूत होगी। इससे आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह नई रणनीति स्पष्ट संकेत देती है कि आने वाले समय में प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित और अधिक स्मार्ट रूप में दिखाई दे सकती है।


JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।