गड्ढे में फंसी एंबुलेंस, बाल-बाल टला बड़ा हादसा; उझानी-सहसवान-गुन्नौर दिल्ली मार्ग की बदहाली पर उठे सवाल
कुंडा नर्सिंगपुर। बारिश के मौसम में सड़कों की बदहाली लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। कुंडा नर्सिंगपुर गांव के पास उझानी से सहसवान और गुन्नौर होते हुए दिल्ली जाने वाले मार्ग पर सड़क में बने गहरे गड्ढे में एक एंबुलेंस फंस गई। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय एंबुलेंस में कोई इमरजेंसी मरीज मौजूद नहीं था। अगर एंबुलेंस में गंभीर हालत का मरीज होता तो रास्ते में वाहन के फंसने से स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी और मरीज को समय पर उपचार मिलने में देरी हो सकती थी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से इस मार्ग पर सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बारिश के कारण सड़क के गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। इसी के चलते छोटे-बड़े हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। कुंडा नर्सिंगपुर गांव के पास बने गड्ढे में एंबुलेंस के फंसने की घटना ने एक बार फिर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के पानी में छिपा रहा सड़क का गड्ढा
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा हुआ था। पानी के नीचे गड्ढा होने के कारण वाहन चालक उसे समय रहते देख नहीं पाया। एंबुलेंस जैसे ही गड्ढे के ऊपर से निकली, उसका पहिया उसमें फंस गया और वाहन आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि सड़क की खराब स्थिति किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। सड़क पर पानी भरने के बाद गड्ढों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक है। रात के समय खतरा और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर वाहन चालक पानी से भरे गड्ढों को देख नहीं पाते।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी यहां वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है और हादसे होते रहे हैं। इसके बावजूद सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा देखने में बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन इसकी वजह से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। खासकर एंबुलेंस, स्कूली वाहनों, दोपहिया वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है।
किसान यूनियन कई बार उठा चुकी है मुद्दा
सड़क की समस्या को लेकर किसान यूनियन की ओर से भी पहले कई बार आवाज उठाई जा चुकी है। संगठन द्वारा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर सड़क की मरम्मत कराने और गड्ढों को दुरुस्त कराने की मांग की गई है। समय-समय पर मीडिया के माध्यम से भी इस समस्या को सामने लाया गया है, ताकि जिम्मेदार विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।
इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक सड़क के इस क्षतिग्रस्त हिस्से को स्थायी रूप से ठीक नहीं कराया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे को भरकर सड़क की मरम्मत करा दी जाती तो एंबुलेंस के फंसने जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
महत्वपूर्ण दिल्ली मार्ग होने के बावजूद अनदेखी
उझानी से सहसवान, गुन्नौर होते हुए दिल्ली की ओर जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन आवागमन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को कस्बों और अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने में भी इस सड़क की महत्वपूर्ण भूमिका है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब इस मार्ग से जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिम्मेदार लोग भी गुजरते हैं, तो सड़क की इस समस्या पर अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। लोगों का कहना है कि सड़क के एक छोटे से हिस्से की मरम्मत के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

डबल इंजन सरकार में सड़क की मरम्मत का इंतजार
प्रदेश और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर सड़क की ऐसी स्थिति लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा सड़कों के निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर लगातार योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर छोटी-छोटी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की स्थिति का आकलन करे और सिर्फ अस्थायी तौर पर मिट्टी या मलबा डालने के बजाय गड्ढे की उचित तरीके से मरम्मत कराई जाए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही समस्या पैदा न हो।
बड़े हादसे से पहले कार्रवाई की जरूरत
एंबुलेंस के गड्ढे में फंसने की घटना को स्थानीय लोग चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार कोई गंभीर मरीज एंबुलेंस में नहीं था, इसलिए बड़ा नुकसान टल गया। लेकिन भविष्य में यदि किसी गंभीर मरीज को लेकर एंबुलेंस यहां फंसती है तो कुछ मिनट की देरी भी मरीज के लिए भारी पड़ सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। पानी निकलने की व्यवस्था के साथ-साथ गड्ढे को भरकर सड़क को मजबूत किया जाए और जरूरत के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से का दोबारा निर्माण कराया जाए।
जनपद न्यूज़ 24 यूपी की ओर से भी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से जनहित में अपील की जाती है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार न किया जाए। कुंडा नर्सिंगपुर के पास सड़क के जिस हिस्से में एंबुलेंस फंसी है, उसकी तत्काल जांच कराकर स्थायी समाधान कराया जाए। सड़क पर सुरक्षित आवागमन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और खासकर एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता हर समय सुगम और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि एंबुलेंस फंसने की इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत कराता है या फिर ग्रामीणों और वाहन चालकों को इसी तरह परेशानी का सामना करना पड़ेगा।