पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से बर्रा के गोपालपुरम में बाढ़, 20 से अधिक परिवारों को NDRF ने सुरक्षित निकाला।

पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से बर्रा के गोपालपुरम में बाढ़, 20 से अधिक परिवारों को NDRF ने सुरक्षित निकाला

कानपुर। पांडु नदी के किनारे बसे बर्रा क्षेत्र के गोपालपुरम इलाके में शनिवार रात अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते नदी का पानी रिहायशी इलाके में घुस गया और करीब पांच से सात फीट तक पानी भर जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। अचानक आई बाढ़ के कारण कई परिवार अपने ही घरों में फंस गए। पानी तेजी से बढ़ने की वजह से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने किसी तरह अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित करने का प्रयास किया और प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई।

रात के समय अचानक पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों को संभलने तक का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। देखते ही देखते सड़कों, गलियों और घरों के आसपास पानी भर गया। कई स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। जिन मकानों में लोग मौजूद थे, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की थी। पानी बढ़ता देख लोगों ने एक-दूसरे की मदद भी शुरू कर दी और प्रशासन तथा राहत-बचाव टीमों से संपर्क किया।

अचानक बढ़ा पांडु नदी का जलस्तर

स्थानीय लोगों के मुताबिक शनिवार रात पांडु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। शुरुआत में लोगों को लगा कि पानी कुछ समय बाद कम हो जाएगा, लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए। पानी तेजी से रिहायशी इलाके की ओर बढ़ने लगा और देखते ही देखते कई घर जलभराव की चपेट में आ गए।

बताया जा रहा है कि कुछ हिस्सों में पानी पांच से सात फीट तक पहुंच गया। इस वजह से निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो गई। रात का समय होने के कारण राहत और बचाव कार्य को लेकर भी चुनौती बनी रही। परिवारों में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई।

घरों में फंसे परिवार, मची अफरा-तफरी

बाढ़ का पानी अचानक घरों में घुसने के बाद कई परिवार बाहर नहीं निकल सके। पानी की गहराई लगातार बढ़ने के कारण पैदल सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो गया। कई लोगों ने अपने घरों की ऊपरी मंजिलों या सुरक्षित हिस्सों में जाकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया।

वहीं, कुछ परिवारों ने स्थानीय स्तर पर मदद लेकर अपने परिजनों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास किया। लोगों के सामने सबसे बड़ी चिंता परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरी दस्तावेज, मोबाइल फोन, कपड़े और घरेलू सामान को बचाने की थी। अचानक आई बाढ़ के कारण कई परिवार जरूरी सामान भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं निकाल सके।

प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया।

एनडीआरएफ की टीम ने पहुंचते ही प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। पानी की गहराई और बहाव को देखते हुए टीम ने लोगों को अपने स्तर पर पानी में उतरने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। इसके बाद नाव के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

नाव से 20 से अधिक परिवारों का रेस्क्यू

एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाके में नाव की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाया। टीम के जवानों ने घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान 20 से अधिक परिवारों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू के दौरान टीम ने लोगों की स्थिति का जायजा लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। परिवारों को नाव के जरिए जलभराव वाले क्षेत्र से बाहर निकाला गया। बचाव दल की मौजूदगी से लोगों ने राहत की सांस ली।

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद कई परिवार अपने रिश्तेदारों के घर चले गए, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। जिन लोगों के घरों में पानी भर गया था, उनके सामने अब घर की सफाई और घरेलू सामान को व्यवस्थित करने की चुनौती बनी हुई है।

रात में अचानक बढ़ा पानी, नहीं मिला संभलने का मौका

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अचानक पानी बढ़ने से उन्हें हालात समझने और जरूरी सामान सुरक्षित करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। कुछ ही समय में पानी घरों के आसपास और फिर घरों के अंदर पहुंचने लगा।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि पानी बढ़ता देखकर लोगों में डर का माहौल बन गया था। परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्राथमिकता बन गया। कई लोगों ने अपने पड़ोसियों की मदद की और एक-दूसरे को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग किया।

लोगों का कहना है कि यदि पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। एनडीआरएफ की टीम के समय पर पहुंचने और नाव के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाए जाने के बाद फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

प्रभावित इलाके में राहत-बचाव कार्य जारी

एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के साथ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। लोगों से कहा गया कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

बाढ़ की स्थिति के बाद प्रभावित इलाके में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। जिन परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि अपने घरों में वापस जाकर स्थिति का जायजा ले सकें।

पांडु नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने की घटना ने एक बार फिर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलों को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित इलाकों में समय रहते राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत की जाए।

फिलहाल सबसे राहत की बात यह रही कि एनडीआरएफ की टीम ने समय रहते अभियान चलाकर 20 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अचानक आई बाढ़ के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन राहत और बचाव दल की सक्रियता से फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सका।

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