SDM सदर के सरकारी आवास पर देर रात हंगामा, गेट तोड़ने का प्रयास और सुरक्षाकर्मियों से मारपीट का आरोप।

SDM सदर के सरकारी आवास पर देर रात हंगामा, गेट तोड़ने का प्रयास और सुरक्षाकर्मियों से मारपीट का आरोप

बदायूं, 23 सितंबर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एसडीएम सदर के सरकारी आवास पर देर रात हंगामे का मामला सामने आया है। आरोप है कि 20 सितंबर की रात करीब 9 बजे नेकपुर गली नंबर तीन से आए आधा दर्जन से अधिक लोगों ने सरकारी आवास पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए विरोध किया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय एसडीएम सदर के सरकारी आवास पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्ड मुन्ना सिंह और दिनेश कुमार तैनात थे। आरोप है कि देर रात अचानक कुछ लोग सरकारी आवास पर पहुंच गए और वहां हंगामा करने लगे। सुरक्षा में तैनात होमगार्डों ने जब उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया तो मामला और बढ़ गया।

आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद सरकारी आवास के मुख्य गेट को कथित तौर पर जोर-जोर से धक्का देकर तोड़ने का प्रयास किया गया। सुरक्षा कर्मियों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की। घटना के दौरान सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

रोकने पर बढ़ा विवाद

घटना के संबंध में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, होमगार्डों ने सरकारी आवास की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को वहां से हटाने और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि आरोप है कि भीड़ में शामिल लोग मानने के बजाय और उग्र हो गए। विरोध करने पर आरोपियों की ओर से सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट पर आमादा होने का आरोप लगाया गया है।

हंगामा बढ़ता देख सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। काफी समझाने के बावजूद जब आरोपी शांत नहीं हुए तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। घटना के बाद सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस स्तर पर गंभीरता दिखाई गई।

चार नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट

इस मामले में होमगार्ड मुन्ना सिंह की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने नेकपुर निवासी शिवम यादव, शिव कुमार, ध्रुव कुमार और मल्लू समेत चार नामजद तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की ओर से मामले में घटना से जुड़े तथ्यों, मौके पर मौजूद लोगों और आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी आवास जैसी संवेदनशील जगह पर हुए हंगामे के कारण मामला चर्चा में है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित

मामले को लेकर बदायूं की एसएसपी सुमेधा मिलिंद जाधव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस टीम द्वारा नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी आवास पर इतनी संख्या में लोग किस उद्देश्य से पहुंचे थे और विवाद की शुरुआत किस तरह हुई।

सरकारी आवास की सुरक्षा पर उठे सवाल

एसडीएम सदर के सरकारी आवास पर देर रात हुए इस हंगामे ने सरकारी अधिकारियों के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आवास पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे और उन्होंने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ द्वारा कथित रूप से गेट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश और सुरक्षाकर्मियों से विवाद की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।

सरकारी अधिकारियों के आवासों पर सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होता है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित अभद्रता और मारपीट के प्रयास का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम काम कर रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और जांच में अन्य किन लोगों की भूमिका सामने आती है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नोट: खबर में लगाए गए आरोप पुलिस रिपोर्ट/तहरीर में बताए गए आरोपों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के परिणाम के बाद ही होगी।

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