संजू सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी-अभिषेक शर्मा से ‘ओपनिंग की जंग’ पर तोड़ी चुप्पी, बोले- हम प्रतिस्पर्धी नहीं, टीम हैं
नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने 22 गेंदों पर 57 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम इंडिया को सात विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार पारी के बाद संजू सैमसन ने टीम इंडिया में ओपनिंग स्लॉट को लेकर चल रही चर्चा पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को अपना प्रतिस्पर्धी मानने से साफ इनकार किया और कहा कि खिलाड़ियों का पहला उद्देश्य व्यक्तिगत जगह के लिए लड़ना नहीं, बल्कि भारत को जीत दिलाना होना चाहिए।
‘बाहर की दुनिया के लिए प्रतिस्पर्धी, हमारे लिए टीम’
संजू सैमसन से जब वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग स्थान को लेकर चल रही चर्चा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम के अंदर खिलाड़ियों को इस तरह नहीं देखना चाहिए। उनके मुताबिक बाहर से भले ही खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा दिखाई देती हो, लेकिन ड्रेसिंग रूम में सभी का लक्ष्य एक ही रहता है—भारत को जीत दिलाना।

सैमसन ने कहा कि खिलाड़ियों को इस सोच में नहीं पड़ना चाहिए कि किसी एक खिलाड़ी को मौका क्यों मिला और दूसरे को क्यों नहीं। उनके अनुसार ऐसी नकारात्मक सोच टीम के माहौल के लिए सही नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी को मौका मिलने या किसी दूसरे के बाहर बैठने को लेकर नाराज होकर बैठना या नकारात्मक रवैया अपनाना सही नहीं है।
संजू की इस टिप्पणी को मौजूदा भारतीय टी20 टीम में मौजूद बल्लेबाजी विकल्पों की गहराई के संदर्भ में देखा जा रहा है। ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को लगातार मौका मिला है, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती दोनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया।
22 गेंदों में 57 रन से दिया जवाब
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य था और संजू ने अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करते हुए अफगान गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया।
संजू ने महज 22 गेंदों में 57 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाए और दोनों के बीच 88 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक ने भी 19 गेंदों पर 39 रन की आक्रामक पारी खेली।
भारत ने 160 रन के लक्ष्य को सिर्फ 14.5 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
संजू सैमसन की पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि पिछले कुछ मुकाबलों में उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। दूसरे टी20 में उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इन चर्चाओं के बीच मैदान पर शानदार जवाब दिया।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट में चर्चा का प्रमुख नाम बने हुए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 151 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ टीम में उनकी मौजूदगी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर बहस को और बढ़ा दिया।
हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टी20 मुकाबलों में टीम प्रबंधन ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को ओपनिंग के लिए उतारा। दूसरे मैच में दोनों ने तेज शुरुआत करते हुए भारत को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में तीसरे मुकाबले से पहले वैभव की प्लेइंग इलेवन में वापसी को लेकर चर्चा बनी हुई थी।
बाद में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने भी तीसरे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिए जाने की संभावना पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने टीम संयोजन में बदलाव के विकल्पों पर चर्चा की थी।
सोशल मीडिया के ‘शोर’ पर भी बोले संजू
संजू सैमसन ने सिर्फ चयन को लेकर चर्चा पर ही बात नहीं की, बल्कि सोशल मीडिया और बाहर से आने वाली टिप्पणियों के दबाव का भी जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह बाहर की बातों से बचने के लिए अपना ‘वाई-फाई बंद’ रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी वह ‘वाई-फाई’ फिर से चालू हो जाता है और टिप्पणियां सामने आ जाती हैं।
संजू ने माना कि भारतीय क्रिकेट में सोशल मीडिया, पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियों और लगातार होने वाली चर्चा का असर खिलाड़ियों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मशीन नहीं होते और उन्हें भी चीजें प्रभावित करती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ी को अपना ध्यान तैयारी और मैदान पर प्रदर्शन पर रखना चाहिए।
उनका कहना था कि यदि बल्लेबाज हर शॉट खेलने से पहले यह सोचने लगे कि आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर क्या कहा जाएगा, तो वह स्वाभाविक खेल नहीं खेल पाएगा। इसलिए उन्होंने खुद को इस तरह के बाहरी शोर से दूर रखने की कोशिश करने की बात कही।
टीम मैनेजमेंट के कठिन फैसलों को समझते हैं सैमसन
सैमसन ने यह भी माना कि भारतीय टीम में चयन के फैसले आसान नहीं होते। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने और खुद के बाहर होने जैसी परिस्थितियों को अपने अनुभव से जोड़कर देखा।
उनके अनुसार भारतीय टीम में जगह बनाना और लगातार रन बनाना आसान नहीं है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी हैं तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ी लगातार अपने प्रदर्शन से दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के बीच से संयोजन तैयार करना पड़ता है।
वैभव की उम्र और हालिया प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सैमसन ने माना कि युवा बल्लेबाज ने अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम में उसका आना भी उसके प्रदर्शन का परिणाम था। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके लिए जगह बनती है और टीम प्रबंधन को उस समय उपलब्ध विकल्पों के आधार पर निर्णय लेना होता है।
अब तीसरे टी20 पर नजर
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत के बाद भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली है। ऐसे में तीसरे और अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक हैं। खासकर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
वहीं संजू सैमसन ने दूसरे मुकाबले में 57 रन की विस्फोटक पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी की क्षमता एक बार फिर दिखाई है। अभिषेक शर्मा भी लगातार आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं। ऐसे में ओपनिंग स्लॉट को लेकर चर्चा सिर्फ चयन का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि भारतीय टी20 टीम में मौजूद बल्लेबाजी विकल्पों की गहराई को भी दर्शाती है।
सैमसन के बयान का मूल संदेश हालांकि स्पष्ट रहा—खिलाड़ियों के बीच व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की जीत है। अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में भारत ने जिस अंदाज में जीत हासिल की, उसमें सैमसन और अभिषेक की शुरुआती साझेदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब अंतिम मुकाबले में टीम प्रबंधन किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

संपादक नवीन गोस्वामी।
जनपद न्यूज़ 24 यूपी।