26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशनमतदाता सूची पुनरीक्षण में देरी, सरकार के सामने बड़ा सवाल—कार्यकाल बढ़ेगा या जमा होंगे बस्ते।

26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशनउझानी-बदायूं से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन चुनाव समय पर न होने की आशंका जताई जा रही है।26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशन।जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी और पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होने के कारण चुनाव टल सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या फिर चुनाव होने तक बस्ते जमा कराए जाएंगे।26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशनबताया जा रहा है कि अन्य राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। इसी तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठने लगी है।26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशनसूत्रों के मुताबिक, प्रधान संगठनों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है।26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशन।अब फैसला सरकार के हाथ में है कि वह कार्यकाल बढ़ाती है या नए चुनाव होने तक अंतरिम व्यवस्था लागू करती है। फिलहाल, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता की नजर सरकार के फैसले पर टिकी हुई है।26 मई को खत्म होगा पंचायतों का कार्यकाल, चुनाव में देरी पर बढ़ेगी टेंशन।

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