शाहजहांपुर में बड़ा हादसा टला: तालाब में जा गिरी बोलेरो, एक घंटे तक फंसे रहे दो युवक; थाना प्रभारी की सूझबूझ से बची जान।
शाहजहांपुर, 15 जून। जिले के जलालाबाद थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। फर्रुखाबाद से जलालाबाद की ओर जा रही एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तालाब में जा गिरी। हादसे के बाद वाहन में सवार दो युवक करीब एक घंटे तक पानी के बीच फंसे रहे। अंधेरा और पानी की गहराई के कारण दोनों गाड़ी से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन से एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार घटना रविवार देर रात करीब 12 बजे की है। फर्रुखाबाद की ओर से आ रही बोलेरो जलालाबाद क्षेत्र के रहपुरा गांव के पास पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिया के निकट निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सड़क से उतरकर सीधे तालाब में जा गिरी। वाहन तेज रफ्तार में होने के कारण काफी अंदर तक पानी में चला गया।
हादसे के समय बोलेरो में हरदोई जिले के लोनार थाना क्षेत्र के परवन गांव निवासी चांद बाबू और गोलू सवार थे। अचानक वाहन के तालाब में गिरने से दोनों युवक घबरा गए। रात का अंधेरा होने और पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण उन्होंने वाहन से बाहर निकलने का जोखिम नहीं उठाया। दोनों युवक काफी देर तक बोलेरो के अंदर ही बैठे रहे और मदद का इंतजार करते रहे।
तालाब में जलती लाइट ने बचाई जान।
घटना के कुछ समय बाद पास में चल रहे एक धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद लोगों की नजर तालाब की ओर गई। उन्होंने देखा कि पानी के बीच किसी वाहन की लाइट जल रही है। पहले तो लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब करीब जाकर देखा गया तो पता चला कि एक बोलेरो तालाब में फंसी हुई है और उसके अंदर लोग मौजूद हैं।
यह जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन रात का समय और तालाब की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतनी जरूरी थी। इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रहे जलालाबाद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को भी घटना की सूचना मिली और वे तत्काल मौके पर पहुंच गए।
मौके पर पहुंचते ही थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि बोलेरो पूरी तरह पानी में नहीं डूबी थी और समय रहते दोनों युवकों तक मदद पहुंच गई। रेस्क्यू के बाद दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।
मामूली चोटों के साथ सुरक्षित निकले युवक।
हादसे में दोनों युवकों को हल्की चोटें आईं, लेकिन उनकी जान सुरक्षित बच गई। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई, जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तालाब में जलती हुई बोलेरो की लाइट दिखाई न देती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। लोगों ने पुलिस और प्रशासन की तत्परता की सराहना की।
सुबह तक चला वाहन निकालने का प्रयास।
सोमवार सुबह होते ही तालाब में फंसी बोलेरो को बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई। बड़ी मशीनों और क्रेन की मदद से वाहन को निकालने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि वह नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान रहपुरा के पास भीड़ दिखाई दी, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि एक बोलेरो तालाब में गिर गई है और उसमें दो लोग फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
निर्माण कार्य के दौरान बरती जाए सतर्कता।
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने निर्माणाधीन पुलिया और सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को और बेहतर बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए ताकि रात के समय वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। समय रहते हुए किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन और स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और दो युवकों की जान बच गई। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपात स्थिति में पुलिस और जनता का समन्वय कई बार जीवन रक्षक साबित होता है।