वैभव सूर्यवंशी का फ्लॉप शो पड़ा भारी, सुपर ओवर में चूकी टीम इंडिया-ए; श्रीलंका-ए ने रोमांचक मुकाबला जीता।
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दांबुला, 15 जून। भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला का चौथा मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच से भरपूर रहा। दांबुला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। निर्धारित 50 ओवर के खेल के बाद मैच टाई रहा, जिसके बाद विजेता का फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने बाजी मारते हुए भारत-ए को 16 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन भारतीय टीम केवल 15 रन ही बना सकी और एक रन से मुकाबला गंवा बैठी।

इस हार के साथ भारत-ए की फाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है, जबकि श्रीलंका-ए ने अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। मैच में जहां कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं सुपर ओवर में भारतीय टीम की रणनीति और बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए।
मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम को 29 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी केवल 21 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके कुछ ही देर बाद प्रभसिमरन सिंह भी 11 रन बनाकर आउट हो गए।
दो शुरुआती विकेट गिरने के बाद कप्तान तिलक वर्मा और श्रेयुतराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी कर टीम को 91 रन तक पहुंचाया। हालांकि तिलक वर्मा के 23 रन पर आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने लगे।
सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने संभाली पारी।
एक समय भारत-ए की टीम मुश्किल में नजर आ रही थी। टीम ने 143 रन तक अपने सात विकेट गंवा दिए थे और बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल लग रहा था। ऐसे समय में सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने जिम्मेदारी संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए 90 गेंदों में 104 रन की शानदार साझेदारी की। विपराज निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि सूर्यांश शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इन दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत-ए ने 49.2 ओवर में 265 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका-ए ने भी दिया जोरदार जवाब।
266 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की टीम ने भी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं और मैच को अंत तक रोमांचक बनाए रखा।
श्रीलंका की ओर से सदीरा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 113 गेंदों में 93 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। अंतिम ओवर तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था।
श्रीलंका को आखिरी ओवर में जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी, लेकिन भारतीय गेंदबाज अरशद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए केवल चार रन दिए। इसके चलते दोनों टीमों का स्कोर बराबर हो गया और मैच सुपर ओवर तक पहुंच गया।
भारत-ए की ओर से आयुष बदोनी ने सबसे अधिक दो विकेट लिए, जबकि अरशद खान, निशांत सिंधु, विपराज निगम, अनुकूल रॉय और सूर्यांश शेडगे को एक-एक सफलता मिली।
सुपर ओवर में हुई बड़ी रणनीतिक चूक।
मैच का सबसे चर्चित पल सुपर ओवर रहा। श्रीलंका-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 रन बना दिए। जवाब में भारत-ए ने बल्लेबाजी के लिए सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी को भेजा।
क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का मानना है कि भारत-ए की सबसे बड़ी रणनीतिक गलती यहीं हुई। पूरे मैच में शानदार बल्लेबाजी करने वाले सूर्यांश शेडगे को स्ट्राइक पर रखने के बजाय शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया। वैभव सुपर ओवर में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और दबाव भारतीय टीम पर बढ़ता चला गया।
भारतीय टीम लक्ष्य से सिर्फ एक रन पीछे रह गई और मुकाबला श्रीलंका-ए के नाम हो गया। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर भी भारतीय टीम की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
त्रिकोणीय श्रृंखला के इस अहम मुकाबले में मिली हार ने भारत-ए के लिए फाइनल की दौड़ को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। टीम को अब अपने आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। वहीं श्रीलंका-ए का आत्मविश्वास इस जीत से काफी बढ़ा है और उसने फाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं।

कुल मिलाकर दांबुला में खेला गया यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार साबित हुआ। मैच में रोमांच, संघर्ष, शानदार साझेदारियां और सुपर ओवर का ड्रामा सब कुछ देखने को मिला। हालांकि अंत में भारतीय टीम को निराशा हाथ लगी, लेकिन युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भविष्य के लिए कई सकारात्मक संकेत भी दिए हैं।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।