गंगा दशहरा पर मातम: कछला घाट के पास गंगा में डूबे सात श्रद्धालु, 15 वर्षीय किशोर की मौत, 10 वर्षीय बालक की तलाश जारी।

गंगा दशहरा पर मातम: कछला घाट के पास गंगा में डूबे सात श्रद्धालु, 15 वर्षीय किशोर की मौत, 10 वर्षीय बालक की तलाश जारी।

हाथरस से गंगा स्नान करने आए परिवार के साथ हुआ हादसा, पांच लोगों को सुरक्षित बचाया गया; डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा।

बदायूं। गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर श्रद्धा और आस्था के बीच बदायूं जनपद के कछला घाट क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। गंगा स्नान के लिए आए एक परिवार के सात सदस्य अचानक गहरे पानी में फंस गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, नाविकों और पुलिस की तत्परता से पांच लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस हादसे में 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि एक 10 वर्षीय बालक अभी भी लापता है। उसकी तलाश के लिए पुलिस, गोताखोरों और पीएसी की फ्लड यूनिट द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार यह दुखद घटना 25 मई 2026 को गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई। जनपद हाथरस के ग्राम कानू वकानू और ग्राम पिचोटी से एक ही परिवार के सात लोग गंगा स्नान करने के लिए बदायूं के कछला घाट पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच परिवार के सदस्य स्नान करने के लिए घाट से करीब दो किलोमीटर दूर नरोरा की दिशा में चले गए, जहां गंगा नदी के बीच एक गहरा गड्ढा बना हुआ था। अनजान होने के कारण सभी लोग वहीं स्नान करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्नान के दौरान अचानक एक सदस्य का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में जाने लगा। उसे बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी पानी के तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गए। देखते ही देखते सातों लोग डूबने लगे और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने तुरंत शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नाविक, गोताखोर और पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। बचाव अभियान शुरू किया गया और काफी मशक्कत के बाद पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दो किशोर गहरे पानी में समा गए। इनमें से 15 वर्षीय किशोर सिलेरा को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

दूसरी ओर 10 वर्षीय बालक के लापता होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। गोताखोर नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, जबकि फ्लड पीएसी की विशेष टीम भी खोजबीन में लगी हुई है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही बालक का पता चल सकेगा।

हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बन गया। गंगा दशहरा जैसे पवित्र पर्व पर हुई इस दुर्घटना ने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि परिवार निर्धारित स्नान क्षेत्र में ही स्नान करता तो शायद यह हादसा टल सकता था।

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि लापता बालक की तलाश के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को केवल चिन्हित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।

गंगा दशहरा के अवसर पर कछला घाट और आसपास के क्षेत्रों में हजारों श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे थे। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन कई श्रद्धालु निर्धारित क्षेत्रों से हटकर गहरे पानी वाले स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। यही लापरवाही इस हादसे की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गहरे और खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालु अनजाने में जोखिम वाले क्षेत्रों में न जा सकें। साथ ही पर्वों के दौरान अतिरिक्त गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।

इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षा नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है। गंगा स्नान के दौरान थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि वे केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल मृतक किशोर के परिवार में गहरा शोक व्याप्त है, जबकि लापता बालक की तलाश जारी है। पूरे क्षेत्र की निगाहें बचाव दल के अभियान पर टिकी हुई हैं। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि लापता बालक का जल्द से जल्द पता चल सके और परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।

गंगा दशहरा के दिन हुई यह घटना लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेगी। यह हादसा श्रद्धालुओं के लिए एक चेतावनी भी है कि आस्था के साथ-साथ सावधानी और सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक है।अन्य आकर्षक हेडलाइन विकल्प:

बदायूं में गंगा दशहरा पर हादसा,

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JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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