सिंगरौली में बड़ा हादसा टला: जर्जर सड़क पर अनियंत्रित होकर नदी की ओर बढ़ी स्कूल बस, चालक की सूझबूझ से बची मासूमों की जान, सड़क की बदहाली पर फूटा जनाक्रोश।

सिंगरौली में बड़ा हादसा टला: जर्जर सड़क पर अनियंत्रित होकर नदी की ओर बढ़ी स्कूल बस, चालक की सूझबूझ से बची मासूमों की जान, सड़क की बदहाली पर फूटा जनाक्रोश।

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब बच्चों को लेने जा रही एक स्कूल बस जर्जर सड़क पर अनियंत्रित होकर सुपेला नदी की ओर बढ़ गई। बस चालक की सतर्कता, सूझबूझ और समय रहते दिखाई गई बहादुरी के कारण बस नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में कोई छात्र मौजूद नहीं था। यदि बस में स्कूली बच्चे सवार होते, तो यह हादसा भयावह रूप ले सकता था।

घटना देवसर क्षेत्र के सुपेला-अकौरी मार्ग की है, जहां आर.एस.पी. इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, देवसर की बस (क्रमांक MP66 Z65798) प्रतिदिन की तरह बच्चों को लेने के लिए निकली थी। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ था और सड़क पर फिसलन बढ़ गई थी। इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और वह धीरे-धीरे नदी की ओर खिसकने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति बेहद भयावह हो गई थी। आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं क्योंकि बस किसी भी क्षण नदी में गिर सकती थी। ऐसे कठिन समय में चालक ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा और बस को सुरक्षित रोक लिया। चालक की इस सूझबूझ ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

यदि बस में बच्चे होते तो हो सकता था बड़ा हादसा।

घटना के समय बस में कोई छात्र मौजूद नहीं था क्योंकि वह बच्चों को लेने जा रही थी। यही कारण रहा कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस में दर्जनों बच्चे बैठे होते तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा और जर्जर सड़कों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़क की बदहाली पर फूटा लोगों का गुस्सा।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और राहगीरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि सुपेला-अकौरी मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। बरसात के मौसम में यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को सड़क की मरम्मत के लिए शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की जान भी जोखिम में पड़ गई है।

विद्यालय प्रबंधन ने जताई चिंता।

आर.एस.पी. इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संस्थापक शिवाकांत पाठक ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सुपेला-अकौरी मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इसी रास्ते से आवागमन करते हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क की जर्जर स्थिति अब सीधे बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है और अब प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए।

समाचार लिखे जाने तक मौके पर जेसीबी मशीन और संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंच चुके थे। सड़क को सुरक्षित बनाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाना चाहिए।

सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी।

यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि खराब सड़कें केवल यातायात की समस्या नहीं बल्कि सीधे लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा हैं। खासकर जिन मार्गों से प्रतिदिन स्कूल बसें गुजरती हैं, वहां बेहतर सड़क व्यवस्था और नियमित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। समय रहते यदि प्रशासन ने स्थायी समाधान नहीं किया तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

#सिंगरौली #देवसर #SchoolBus #RoadAccident #BreakingNews #MadhyaPradesh #JanpadNews24UP #RoadSafety #SchoolBusSafety #बरसात #सड़क_की_बदहाली

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

Leave a Comment