शाहजहांपुर में रिश्वतकांड से मचा हड़कंप: सिपाही 35 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

शाहजहांपुर में रिश्वतकांड से मचा हड़कंप: सिपाही 35 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, थाना प्रभारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम द्वारा रिश्वत लेते हुए एक सिपाही को रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से जैतीपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने जिले की पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, जैतीपुर थाने में तैनात सिपाही विवेक कुमार पर एक मामले की विवेचना में मदद करने के नाम पर एक व्यक्ति से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की जांच की और शिकायत को सही पाए जाने पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। टीम ने सिपाही विवेक कुमार को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

शिकायत के बाद सक्रिय हुई एंटी करप्शन टीम।

सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसके मामले में मदद करने और कार्रवाई को प्रभावित करने के नाम पर उससे धनराशि की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया।

निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया। जैसे ही सिपाही विवेक कुमार ने 35 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

थाना प्रभारी पर भी गिरी गाज।

रिश्वतकांड सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक सोहम दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जैतीपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि जिस मामले में रिश्वत की मांग की गई थी, उसकी विवेचना स्वयं थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के पास थी।

हालांकि एंटी करप्शन विभाग की ओर से थाना प्रभारी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को देखते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि थाने के भीतर हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रिश्वत मांगने और लेने की प्रक्रिया में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

थाना प्रभारी के फरार होने की चर्चा।

घटना के बाद कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि जब एंटी करप्शन टीम ने सिपाही विवेक कुमार को गिरफ्तार किया, उस समय थाना प्रभारी अश्वनी कुमार कथित रूप से थाने की दीवार फांदकर वहां से निकल गए थे। बताया जा रहा है कि वह पास के गन्ने के खेतों में जाकर छिप गए थे।

हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी तथ्य पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल यह दावा केवल चर्चाओं और सूत्रों के हवाले से सामने आया है।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप।

रिश्वतखोरी के इस मामले के सामने आने के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। एक ओर जहां एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मियों के आचरण और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के भीतर भ्रष्टाचार की घटनाएं आम जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ही पुलिस की साख को बनाए रखने का माध्यम बन सकती है।

विभागीय जांच शुरू।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि रिश्वत मांगने और लेने के पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश।

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय लगातार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात करते रहे हैं। ऐसे में शाहजहांपुर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन एजेंसियां सक्रिय होकर कार्रवाई कर रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई होती रही तो आम लोगों का कानून व्यवस्था और प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा।

निष्कर्ष।

शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र में सामने आए इस रिश्वतकांड ने पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक सिपाही की रंगे हाथ गिरफ्तारी और थाना प्रभारी के निलंबन के बाद अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी हुई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल यह मामला जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

शाहजहांपुर में रिश्वतकांड का बड़ा खुलासा: 35 हजार रुपये लेते सिपाही गिरफ्तार, जैतीपुर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार निलंबित।

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JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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