राष्ट्रीय लोक अदालत में 49,596 वादों का हुआ निस्तारण, करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 49,596 वादों का हुआ निस्तारण, करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

बदायूं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं के निर्देशन में जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

इस दौरान विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों में लंबित हजारों मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं विवेक संगल द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए, जहां आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिल सके।उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी समझौते के माध्यम से विवादों को समाप्त करने का एक प्रभावी मंच है।

इसके जरिए बैंक विवाद, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, ट्रैफिक चालान, राजस्व विवाद, विद्युत बिल तथा अन्य मामलों का निस्तारण आसानी से किया जा सकता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती नेहा गर्ग ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आमजन को अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।

https://www.facebook.com/share/v/1FZNkXRWQj/उन्होंने सभी संबंधित विभागों, बैंक अधिकारियों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील भी की।राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय एवं अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा कुल 84 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया।

वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बदायूं द्वारा 22 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को लगभग 1 करोड़ 71 लाख 47 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

उपभोक्ता फोरम बदायूं द्वारा भी एक मामले का निस्तारण करते हुए 15 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। इसके अलावा स्थाई लोक अदालत में भी मामलों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा कुल 1706 मामलों का समाधान कराया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से संबंधित मामलों में विभिन्न बैंकों के 671 मामले, भारत संचार निगम लिमिटेड के 16 राजस्व मामले, 413 अन्य राजस्व मामले, 607 स्थानीय निकायों से संबंधित मामले एवं अन्य प्रकार के 40,832 मामलों का निस्तारण किया गया।

वहीं न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों में 7057 मामलों का समाधान कराया गया।इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49,596 वादों का निस्तारण किया गया।

कार्यक्रम में जनपद न्यायालय बदायूं के न्यायिक अधिकारी, न्यायालय कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक, बैंक अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे सामूहिक प्रयासों की बड़ी सफलता बताया।

रिपोर्ट JANPADNEWS24UP

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