‘मैं चूहों की रेस का हिस्सा नहीं बनूंगा’ : संजू सैमसन का बड़ा बयान, बोले- अब अपनी शर्तों पर खेलूंगा क्रिकेट।

‘मैं चूहों की रेस का हिस्सा नहीं बनूंगा’ : संजू सैमसन का बड़ा बयान, बोले- अब अपनी शर्तों पर खेलूंगा क्रिकेट।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने क्रिकेट करियर, टीम में जगह को लेकर चल रही चर्चाओं और भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह अब किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा या “चूहों की रेस” का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उनका मानना है कि क्रिकेट का असली आनंद तभी है जब खिलाड़ी बिना किसी अनावश्यक दबाव के अपनी शैली में खेल सके।

संजू सैमसन का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय टी-20 टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बाद टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिला है, जिससे संजू की प्लेइंग-11 में जगह प्रभावित हुई है। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं के बीच संजू ने स्पष्ट कर दिया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने खेल पर है, न कि बाहरी आलोचनाओं या चयन को लेकर होने वाली बहस पर।

टीम में जगह को लेकर बढ़ी चर्चा।

पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट टीम में युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर मिल रहे हैं। इसी क्रम में वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। इंग्लैंड दौरे पर उन्हें प्लेइंग-11 में मौका मिला, जबकि संजू सैमसन को बाहर बैठना पड़ा। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी संजू का चयन नहीं किया गया, जिससे उनकी टीम में वापसी को लेकर कई सवाल उठने लगे।

क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि क्या भारतीय टीम अब नए खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ रही है या फिर संजू को भविष्य में दोबारा अवसर मिलेगा। हालांकि, स्वयं संजू ने इन चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया।

टी-20 विश्व कप 2026 में निभाई थी अहम भूमिका।

संजू सैमसन ने टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। टूर्नामेंट के अंतिम तीन मुकाबलों में उन्होंने लगातार अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी थी। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया और विश्व क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखी।

उस समय संजू की बल्लेबाजी की हर तरफ प्रशंसा हुई थी और उन्हें भारत की टी-20 टीम का अहम खिलाड़ी माना जा रहा था। लेकिन इसके बाद टीम संयोजन में बदलाव और नए खिलाड़ियों के आने से उनकी स्थिति बदल गई।

“मैं चूहों की रेस में शामिल नहीं होना चाहता”

जियोहॉटस्टार को दिए एक इंटरव्यू में संजू सैमसन ने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वह दूसरों से तुलना करने या लगातार प्रतिस्पर्धा की मानसिकता में नहीं रहेंगे।

उन्होंने कहा,

“मुझे महसूस हुआ है कि हमारे आसपास एक तरह की चूहों की रेस लगी हुई है। मैंने टी-20 विश्व कप 2026 से पहले ही तय कर लिया था कि मैं इसका हिस्सा नहीं बनूंगा। मैं सिर्फ क्रिकेट का आनंद लेना चाहता हूं।”

संजू ने कहा कि उनके लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात खेल का आनंद है, न कि यह चिंता कि कौन क्या कह रहा है या टीम में कौन आ रहा है।

अब अपनी शर्तों पर खेलूंगा”

31 वर्षीय संजू सैमसन ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में काफी कुछ हासिल किया है और अब वह अपने अनुभव के आधार पर फैसले लेना चाहते हैं।

उन्होंने कहा,

“मैं इस समय 31 साल का हूं और मैंने अपने करियर में काफी कुछ हासिल किया है। अब मेरे पास खेलने के कुछ ही साल बचे हैं। इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेलूंगा। कोई मुझे यह नहीं बताएगा कि मुझे कैसे बल्लेबाजी करनी है या कैसे खेलना है। संजू ही तय करेगा कि संजू कैसे खेलेगा।”

उनका यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह बाहरी दबाव से दूर रहकर अपने प्राकृतिक खेल पर भरोसा करना चाहते हैं।

मानसिक मजबूती पर दिया जोर।

आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों पर लगातार प्रदर्शन का दबाव रहता है। सोशल मीडिया, विशेषज्ञों की राय और चयन को लेकर होने वाली चर्चाएं कई बार खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं। ऐसे माहौल में संजू सैमसन का यह बयान मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का उदाहरण माना जा रहा है।

उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश भी दिया कि हर खिलाड़ी को अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए और केवल आलोचनाओं के आधार पर अपने खेल में बदलाव नहीं करना चाहिए।

आगे क्या होगी संजू की राह?

भारतीय क्रिकेट टीम में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए नए विकल्प तैयार कर रहा है। ऐसे में संजू सैमसन की वापसी कब होगी, यह आने वाली सीरीज और उनके घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

हालांकि, संजू का अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें अब भी भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। यदि उन्हें भविष्य में अवसर मिलता है तो वह एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित करने की क्षमता रखते हैं।

फिलहाल संजू सैमसन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह टीम में जगह को लेकर हो रही चर्चाओं से प्रभावित नहीं हैं। उनका पूरा ध्यान अपने खेल का आनंद लेने, आत्मविश्वास बनाए रखने और अपनी शैली में क्रिकेट खेलने पर है। यही कारण है कि उनका “चूहों की रेस” वाला बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

जनपद न्यूज़ 24 यूपी

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