मुंबई में बारिश ने तोड़े वर्षों पुराने रिकॉर्ड, सिर्फ 7 दिनों में हुई दिल्ली की सालभर से ज्यादा बारिश।

मुंबई में बारिश ने तोड़े वर्षों पुराने रिकॉर्ड, सिर्फ 7 दिनों में हुई दिल्ली की सालभर से ज्यादा बारिश।

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस वर्ष मानसून ने शुरुआती दौर में ही बारिश के ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्होंने मौसम वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 30 जून से 6 जुलाई के बीच महज सात दिनों में मुंबई में इतनी बारिश दर्ज की गई, जितनी देश के कई बड़े शहरों में पूरे वर्ष के दौरान होती है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, हालांकि नगर प्रशासन ने दावा किया कि समय रहते पंपिंग सिस्टम सक्रिय कर अधिकांश क्षेत्रों से पानी निकाल लिया गया।

आईएमडी की कोलाबा ऑब्जर्वेटरी के आंकड़ों के मुताबिक 30 जून से 6 जुलाई के बीच 882.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सांताक्रूज मौसम केंद्र में इसी अवधि में 988.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। यह आंकड़ा देश के कई प्रमुख शहरों की औसत वार्षिक वर्षा से भी अधिक है।

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली में पूरे वर्ष के दौरान औसतन करीब 774 मिलीमीटर बारिश होती है। ऐसे में मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में सिर्फ एक सप्ताह में ही दिल्ली की सालभर की औसत बारिश का लगभग 113 प्रतिशत पानी बरस चुका है। वहीं पुणे की औसत वार्षिक वर्षा लगभग 720 मिलीमीटर मानी जाती है, जिसे मुंबई ने एक सप्ताह में ही पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा सांताक्रूज में दर्ज हुई 988.8 मिलीमीटर बारिश बेंगलुरु की औसत सालाना वर्षा के लगभग बराबर है।

सबसे अधिक वर्षा 4 जुलाई को दर्ज की गई। उस दिन कोलाबा में 24 घंटे के भीतर 265.6 मिलीमीटर तथा सांताक्रूज में 227.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह हाल के वर्षों में जुलाई महीने के सबसे अधिक वर्षा वाले दिनों में शामिल है। लगातार तेज बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।

मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिड़े ने बताया कि भारी बारिश के दौरान शहर में लगातार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। कुछ इलाकों में हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद नगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय कर दी गई थीं।

उन्होंने बताया कि शहर के सभी 6 प्रमुख पंपिंग स्टेशन और 10 मिनी पंपिंग स्टेशन लगातार संचालित किए गए। जहां भी जलभराव की सूचना मिली, वहां तत्काल अतिरिक्त पंप लगाकर पानी निकालने का कार्य शुरू किया गया। प्रशासन का दावा है कि इसी सक्रिय व्यवस्था के कारण संभावित बड़े संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका।

बारिश के दौरान सोशल मीडिया पर कई स्थानों पर जलभराव के वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हुईं। इनमें अभिनेता अमिताभ बच्चन के आवास के बाहर पानी भरने की खबरें भी सामने आईं। हालांकि नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि डिजास्टर कंट्रोल रूम लगातार सभी संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहा था। उनके अनुसार जिन स्थानों पर गंभीर जलभराव की खबरें प्रसारित की गईं, उनमें से कई रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती थीं।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बारिश की तीव्रता में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक कोलाबा में केवल 0.7 मिलीमीटर और सांताक्रूज में 6.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश कम होने के बाद आईएमडी ने मुंबई के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट को घटाकर येलो अलर्ट कर दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि पहले जैसी अत्यधिक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलें।

मुंबई में इस बार मानसून की शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि बदलते मौसम के साथ अत्यधिक वर्षा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरी बुनियादी ढांचे, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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