बदायूं मेडिकल कॉलेज में बड़ा बवाल: पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिला की हालत, 40 हजार वसूली और लापरवाही के आरोप।
गलत तरीके से नली डालने का आरोप, संक्रमण फैलने से महिला के फेफड़े सिकुड़े; परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में किया हंगामा, जांच शुरू।
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) के ऑपरेशन के बाद एक महिला मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा और धरना-प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में भारी लापरवाही बरती गई और सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज के नाम पर उनसे करीब 40 हजार रुपये भी वसूले गए।

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वहीं कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
14 दिन पहले भर्ती हुई थी महिला।
जानकारी के अनुसार हजरतपुर क्षेत्र निवासी भोले की पत्नी शोभा चौहान को करीब 14 दिन पहले पेट में दर्द और पित्त की थैली की समस्या के चलते बदायूं मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया था कि ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित होगा और मरीज जल्द ठीक होकर घर लौट जाएगी। ऑपरेशन से पहले महिला की एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें भी कराई गईं।
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का आरोप।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि महिला के शरीर में डाली गई नली गलत तरीके से ऊपर चली गई, जिससे वह आंत में फंस गई और संक्रमण फैल गया।
शुरुआत में महिला की हालत सामान्य बताई गई, लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पेट से पस आने लगी और संक्रमण तेजी से फैल गया। महिला को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी।
परिजनों का आरोप है कि जब हालत ज्यादा खराब हुई तो दोबारा ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब भी सुधार नहीं हुआ। बाद में जांच में बताया गया कि महिला के फेफड़े सिकुड़ने जैसी स्थिति बन गई है।
अब दूसरे मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी।
महिला की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए अब उसे दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी की जा रही है। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिलता तो महिला की हालत इतनी गंभीर नहीं होती।
घटना के बाद परिवार के लोग बेहद आक्रोशित हैं और उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी अस्पताल में 40 हजार वसूली का आरोप।
मामले में सबसे बड़ा आरोप इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का भी लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज और सुविधाओं के नाम पर उनसे लगभग 40 हजार रुपये लिए गए।
रिश्तेदार मोहित के मुताबिक पहले 12 हजार रुपये लिए गए और बाद में 28 हजार रुपये और जमा कराए गए। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि मरीज को प्राइवेट अस्पताल जैसी सुविधाएं और अच्छा इलाज मिलेगा।
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इतना ही नहीं, कई दवाइयां भी बाहर से लिखी गईं, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ गया।
मेडिकल कॉलेज में हंगामा और प्रदर्शन।
महिला की हालत बिगड़ने की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजनों ने कहा कि अगर सरकारी अस्पतालों में भी मरीज सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी आखिर कहां जाए। लोगों ने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के चलते मेडिकल कॉलेज परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल प्रशासन को लोगों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्राचार्य बोले- जांच कराई जा रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही सीएमएस को मौके पर भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अगर जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी उठते रहे हैं सवाल।
बदायूं मेडिकल कॉलेज में इलाज व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। मरीजों और तीमारदारों द्वारा समय-समय पर लापरवाही, अव्यवस्था और सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर सामने आए इस मामले ने मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल महिला की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।