
बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर।

बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफरबदायूं। जिले के कादरचौक क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निजी नर्सिंग होम में कथित लापरवाही और अमानवीय तरीके से प्रसव कराने के चलते नवजात की मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि कादरचौक के राधिका नर्सिंग होम में एक गर्भवती महिला के पेट पर दबाव बनाकर प्रसव कराया गया, जिससे नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर में खुलासा: अवैध संचालन और रिश्तेदारी का खेलप्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि नर्सिंग होम का संचालन नियमों के विपरीत किया जा रहा था। आरोप है कि चिकित्सा अधीक्षक के नाम पर नर्सिंग होम चल रहा था, जबकि वास्तविक संचालन उनकी बहन द्वारा किया जा रहा था, जो कि अनट्रेंड बताई जा रही है।इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतने समय तक यह अवैध गतिविधि कैसे चलती रही। बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर पीड़ा में महिला को भेजा गया नर्सिंग होम, फिर हुआ दर्दनाक हादसाजानकारी के अनुसार, कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव ललसी नगला निवासी छोटेलाल अपनी पत्नी कृष्णावती को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी कादरचौक लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे निजी नर्सिंग होम ले जाने की सलाह दी।परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम में महिला के पेट पर दबाव डालकर जबरन प्रसव कराया गया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर की कार्रवाई: पांच के खिलाफ मुकदमा दर्जमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चिकित्सा अधीक्षक अवधेश राठौर सहित पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। जांच तेजी से जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर प्रशासन का एक्शन: सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफरघटना के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहन झा का ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषियों को सजा मिल सके।बदायूं में निजी नर्सिंग होम का काला सच उजागर! नवजात की मौत के बाद FIR, सीएचसी प्रभारी का ट्रांसफर निष्कर्ष: कब सुधरेगा स्वास्थ्य सिस्टम?यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सुरक्षित हैं? आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही और अवैध संचालन लोगों की जान लेता रहेगा?