बदायूं के बिल्सी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल 36 घंटे में दो यौन उत्पीड़न की घटनाएं, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 36 घंटों के भीतर यहां दो अलग-अलग यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
पहली घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जहां एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से यौन उत्पीड़न किया गया। आरोप है कि इस गंभीर मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने घटना की गंभीरता को कम करके दिखाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, आरोपित को नाबालिग साबित करने की कोशिश भी की गई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने विरोध स्वरूप हाईवे जाम कर दिया।


इस घटना के महज 36 घंटे बाद उसी क्षेत्र में एक और चौंकाने वाली वारदात सामने आई। एक युवती, जो अपनी मां और छोटी बहन के साथ बस से जा रही थी, उसके साथ दिनदहाड़े यौन उत्पीड़न किया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


इसी बीच गांव अहमदनगर असौली में दबंगों द्वारा एक और घटना को अंजाम देने का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दबंगों ने दिनदहाड़े खेत पर कब्जा कर लिया और गेहूं की फसल काट ली। विरोध करने पर महिलाओं को लाठियों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।


घटना की सूचना पर यूपी-112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने घायल महिलाओं की मदद करने के बजाय दबंग पक्ष के व्यक्ति को अपने साथ ले लिया और उसी पक्ष के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा तो प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने उनका प्रार्थना पत्र तक लेने से इनकार कर दिया, जबकि मारपीट का वीडियो भी मौजूद बताया जा रहा है।

बदायूं के बिल्सी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल 36 घंटे में दो यौन उत्पीड़न की घटनाएं, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
घायल महिलाओं का इलाज जारी है और पीड़ित पक्ष न्याय की मांग कर रहा है। पीड़िता सोनी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा से गुहार लगाई है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

Leave a Comment