फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव में दर्दनाक हादसा आग में जिंदा जले 3 मवेशी, दमकल की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल।देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड, गाड़ी में पानी तक नहीं होने का आरोप🐄 ग्रामीणों में आक्रोश क्या बेजुबानों की जान की कोई कीमत नहीं।

फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव में दर्दनाक हादसा आग में जिंदा जले 3 मवेशी, दमकल की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल।बड़ी खबर आ रही है फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव से, जहां एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया।फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव में दर्दनाक हादसा आग में जिंदा जले 3 मवेशी, दमकल की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल।शनिवार शाम एक झोपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि तीन बेजुबान मवेशी जिंदा जल गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल विभाग की गाड़ी काफी देर से पहुंची। इतना ही नहीं, लोगों का कहना है कि जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब गाड़ी में पानी तक नहीं था।फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव में दर्दनाक हादसा आग में जिंदा जले 3 मवेशी, दमकल की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल।अगर समय रहते दमकल विभाग पहुंच जाता और उचित इंतजाम होते, तो शायद इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गौ रक्षक विकास ठाकुर ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब भी गोवंश या बेजुबान पशुओं को बचाने के लिए कॉल किया जाता है, अक्सर लापरवाही बरती जाती है और टीम समय पर नहीं पहुंचती। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या बेजुबान जानवरों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं।फरीदपुर तहसील के निकसुआ गांव में दर्दनाक हादसा आग में जिंदा जले 3 मवेशी, दमकल की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल।और आखिर कब तक ऐसी लापरवाही के कारण निर्दोष जानें जाती रहेंगी?फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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