फतेहपुर कलेक्ट्रेट में महिला ने आत्मदाह का किया प्रयास, भाई पर लगाए गंभीर आरोप; समय रहते टला बड़ा हादसा।
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ने कथित तौर पर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। घटना के दौरान वहां मौजूद होमगार्ड जवानों और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए महिला को रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर में रोजाना की तरह फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे हुए थे। इसी दौरान एक महिला अचानक परिसर में पहुंची और अपने ऊपर डीजल डाल लिया। महिला आग लगाने की तैयारी कर रही थी, तभी मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को रोक लिया और स्थिति को नियंत्रण में किया।
घटना के बाद कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और सभी यह जानने का प्रयास करने लगे कि आखिर महिला ने इतना बड़ा कदम उठाने की कोशिश क्यों की।
मकान विवाद और पैसों के लेन-देन का आरोप।
महिला ने आरोप लगाया कि उसने अपने भाई को करीब छह लाख रुपये दिए थे। उसका कहना है कि अब उसका भाई उसके मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। महिला के अनुसार उसने इस संबंध में कई बार विभिन्न अधिकारियों और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
महिला का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाने का प्रयास किया। महिला ने कहा कि उसे न्याय नहीं मिल रहा है और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
महिला का दावा है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही थी। उसने कई बार शिकायत पत्र भी दिए, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। महिला का कहना है कि जब हर जगह से निराशा हाथ लगी तो वह अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंची।
जानकारों का मानना है कि पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवादों के कारण कई बार लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप और कानूनी सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी व्यक्ति को ऐसा कठोर कदम उठाने की नौबत न आए।
सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बची जान।
घटना के दौरान सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने जिस तत्परता से कार्रवाई की, उसकी लोगों ने सराहना की। यदि समय रहते महिला को नहीं रोका जाता तो कोई बड़ी और दुखद घटना हो सकती थी।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि महिला काफी आक्रोशित और भावुक दिखाई दे रही थी। सुरक्षा कर्मियों ने न केवल उसे आग लगाने से रोका बल्कि शांत कराकर उसकी बात भी सुनी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा तेज।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में महिला की नाराजगी और उसकी पीड़ा साफ दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार महिला की शिकायत और उसके आरोपों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार का संपत्ति विवाद या अन्य समस्या है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का यह भी कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने या आत्मघाती कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए।
हाल के वर्षों में सरकारी कार्यालयों और कलेक्ट्रेट परिसरों में आत्मदाह के प्रयास जैसी घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और लोगों को उचित परामर्श उपलब्ध कराना ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल फतेहपुर कलेक्ट्रेट में महिला द्वारा किए गए आत्मदाह के प्रयास का मामला चर्चा में है। राहत की बात यह रही कि सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से महिला की जान बच गई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।