पहली ही बारिश में खुली बिल्सी नगर पालिका की पोल, गलियां बनीं तालाब; जलभराव से लोगों के घरों में घुसा पानी।
बदायूं/बिल्सी। मानसून की पहली बारिश ने बिल्सी नगर पालिका परिषद के सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। पहली ही बारिश के बाद नगर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जिससे सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। सबसे अधिक परेशानी मोहल्ला नंबर-1 स्थित हनुमानगढ़ी क्षेत्र के लोगों को झेलनी पड़ी, जहां बारिश का पानी गलियों से होता हुआ सीधे लोगों के घरों में घुस गया। इससे स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन स्थायी समाधान निकालने में नाकाम रहा है। इस बार भी पहली बारिश ने ही नगर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। लोगों का आरोप है कि जिन नालों की सफाई का दावा नगर पालिका की ओर से किया गया था, वे या तो पूरी तरह साफ नहीं किए गए या फिर सफाई केवल कागजों तक सीमित रही।
मोहल्ला नंबर-1 के निवासियों के अनुसार, कुछ ही देर की बारिश के बाद गलियों में कई फीट तक पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक था कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया और लोगों को घंटों पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नालियों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर कहीं दिखाई नहीं देता। यदि समय रहते नालों की समुचित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
निवासियों ने यह भी बताया कि जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी कई बार नगर पालिका के अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। लिखित शिकायत पत्र देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। परिणामस्वरूप हर बारिश में यही स्थिति दोहराई जाती है और लोगों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। गंदा पानी कई दिनों तक गलियों में भरा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा बच्चों के स्कूल आने-जाने, व्यापारियों के कारोबार और आम जनजीवन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो लोगों को इस समस्या से नहीं जूझना पड़ता। उनका कहना है कि नगर के कई इलाकों में नालियां क्षतिग्रस्त हैं, कहीं नालों पर अतिक्रमण है तो कहीं नियमित सफाई का अभाव है, जिसके कारण बारिश का पानी निकासी का रास्ता नहीं पा रहा।

अब स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही नालियों और नालों की प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए तथा यदि कहीं निर्माण कार्य या सफाई में लापरवाही बरती गई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
नगरवासियों का कहना है कि केवल बारिश से पहले सफाई अभियान चलाने के दावे करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए, नालों की नियमित निगरानी हो और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

फिलहाल पहली ही बारिश ने बिल्सी नगर पालिका परिषद की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और नगर पालिका पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं, ताकि आगामी बारिश के दौरान नागरिकों को राहत मिल सके।
(नोट: यह समाचार स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। संबंधित नगर पालिका या प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।