तेज बारिश में ढहा मकान, लाखों का सामान मलबे में दबा; परिवार की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा।
सहसवान (बदायूं)। नगर के मोहल्ला मोहिउद्दीनपुर में बीती रात हुई तेज बारिश एक परिवार के लिए भारी मुसीबत बनकर आई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक कच्चा-पक्का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे में गृहस्वामी का लाखों रुपये मूल्य का घरेलू सामान दबकर नष्ट हो गया। हालांकि परिवार की सतर्कता और समय रहते लिया गया फैसला उनकी जान बचाने का कारण बन गया। घटना के समय पूरा परिवार पड़ोसी के घर में सो रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। हादसे के बाद से परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गया है।
रात में बदला मौसम, परिवार ने लिया सुरक्षित स्थान का सहारा।
जानकारी के अनुसार कोतवाली सहसवान क्षेत्र के मोहल्ला मोहिउद्दीनपुर निवासी मोहन अपने परिवार के साथ मकान में रहते हैं। बीती रात क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। तेज बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए मोहन को अपने मकान की स्थिति को लेकर चिंता होने लगी। एहतियात के तौर पर उन्होंने अपने परिवार को लेकर पड़ोस के एक मकान में रात बिताने का निर्णय लिया।
परिवार के इस फैसले ने उनकी जान बचा ली। रात के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई। आवाज इतनी तेज थी कि पूरा मोहल्ला दहल उठा। लोग घरों से बाहर निकलकर मौके की ओर दौड़े तो देखा कि मोहन का मकान पूरी तरह धराशायी हो चुका था।
मकान गिरने से घर के अंदर रखा लगभग पूरा सामान मलबे के नीचे दब गया। पीड़ित परिवार के अनुसार घर में रखा टीवी, फ्रिज, बर्तन, कपड़े, अनाज सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कई सामान मिट्टी और मलबे में दबकर बेकार हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। घर का अधिकांश सामान नष्ट हो जाने के कारण परिवार को अब दोबारा जीवन की शुरुआत करनी पड़ेगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पीड़ित परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात में जब मकान गिरा तो उसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। लोगों को पहले लगा कि कहीं बिजली गिर गई है या कोई बड़ा हादसा हो गया है। आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि परिवार मकान के अंदर सो रहा होता तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। मकान गिरने से जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। लोगों ने इसे परिवार की किस्मत और सतर्कता बताया कि समय रहते उन्होंने सुरक्षित स्थान पर जाने का फैसला किया।
हादसे के बाद पीड़ित मोहन और उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका आशियाना अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। परिवार के सामने रहने और खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है। मोहल्ले के लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में कई पुराने और जर्जर मकान खतरे की स्थिति में हैं। ऐसे मकानों का सर्वे कराकर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
क्षेत्र में बना हुआ है बारिश का असर।
बीते कुछ दिनों से जिले में लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। मौसम विभाग द्वारा भी लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मोहिउद्दीनपुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बरसात के मौसम में जर्जर और कमजोर मकानों में रहना कितना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से राहत और सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है, जबकि स्थानीय लोग भी उनके सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।

फिलहाल राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन एक परिवार का आशियाना उजड़ जाने से उनके सामने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।