गोरखपुर में AK-47 और रेड गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले 13 युवक गिरफ्तार।

गोरखपुर में AK-47 और रेड गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले 13 युवक गिरफ्तार।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से दहशत फैलाने वाले तथाकथित AK-47 गैंग और रेड गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि ये युवक व्हाट्सएप पर अलग-अलग ग्रुप बनाकर एक-दूसरे के खिलाफ धमकी भरे संदेश, आपत्तिजनक टिप्पणियां और हथियारों के साथ तस्वीरें साझा कर क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल पैदा कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर AK-47 और रेड गैंग के नाम से संचालित व्हाट्सएप ग्रुपों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं। इन ग्रुपों में शामिल युवक खुलेआम एक-दूसरे को चुनौती देने, आक्रामक भाषा का प्रयोग करने और हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करने का काम कर रहे थे। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बनने लगा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर कैंपियरगंज पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद सर्विलांस टीम और साइबर तकनीक की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर अभियान चलाकर 13 युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल कानून व्यवस्था बिगाड़ने, लोगों में भय फैलाने या आपराधिक छवि बनाने के लिए किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन गैंगों से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि व्हाट्सएप ग्रुपों में किस प्रकार के संदेश प्रसारित किए गए और क्या इनका उद्देश्य केवल दहशत फैलाना था या फिर किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि की योजना भी बनाई जा रही थी।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, गैंग बनाकर धमकी देना और आपत्तिजनक पोस्ट साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

गोरखपुर पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और कानून के दायरे में रहकर करें। लाइक, फॉलोअर्स या दबदबा दिखाने के लिए किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि या हथियारों के प्रदर्शन से बचें। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गैंगों के पोस्ट और धमकी भरे संदेशों से लोगों में भय का माहौल था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जाएगी और यदि कोई व्यक्ति गैंग बनाकर दहशत फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को गोरखपुर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग समाज में भय फैलाने के बजाय सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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