गंगा दशहरा और कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने कछला गंगा घाट पहुंचे अधिकारी, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश।
बदायूं। आगामी गंगा दशहरा पर्व एवं कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को अधिकारियों ने कछला गंगा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाट क्षेत्र में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कछला गंगा घाट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां गंगा दशहरा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान भी बड़ी संख्या में शिवभक्त यहां से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का विशेष रूप से अवलोकन किया। उन्होंने नगर पंचायत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। कहीं भी गंदगी या कूड़े के ढेर दिखाई न दें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके अलावा पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने निर्देश दिए कि घाट पर पर्याप्त संख्या में पेयजल टंकियां और जल वितरण केंद्र स्थापित किए जाएं। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही घाट पर अस्थायी चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाट क्षेत्र, संपर्क मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि रात्रि के समय किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
यातायात प्रबंधन निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। अधिकारियों ने संभावित भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था, रूट डायवर्जन और वाहनों के संचालन की योजना की समीक्षा की। उन्होंने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि गंगा दशहरा और कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम की समस्या से बचाने के लिए आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग और सूचना संकेतक लगाए जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह गंभीर दिखाई दिया। अधिकारियों ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थलों, चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, शौचालय तथा सुरक्षा व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त किया जाए। कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

अधिकारियों ने कहा कि गंगा दशहरा और कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़े बड़े आयोजन हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी और समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति का आकलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की तैयारियों का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समय रहते व्यवस्थाओं की समीक्षा होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा।

फिलहाल जिला प्रशासन गंगा दशहरा पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे अपनी धार्मिक आस्था के साथ पर्व और यात्रा में शामिल हो सकें।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।