खाद की कालाबाजारी और नकली कीटनाशकों पर रोक की मांग, जिला कृषि अधिकारी से भारतीय किसान यूनियन (हल) के प्रतिनिधिमंडल की बैठकखाद की कालाबाजारी और नकली कीटनाशकों पर रोक की मांग, जिला कृषि अधिकारी से भारतीय किसान यूनियन (हल) के प्रतिनिधिमंडल की बैठक।
बदायूं। जनपद में किसानों को खाद, उर्वरक और कीटनाशकों की उपलब्धता तथा उनकी गुणवत्ता को लेकर भारतीय किसान यूनियन (हल) ने गंभीर रुख अपनाया है। किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कृषि अधिकारी बदायूं द्वारा आयोजित बैठक में भारतीय किसान यूनियन (हल) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान संगठन की ओर से जनपद में किसानों को हो रही परेशानियों, खाद की कालाबाजारी, नकली कीटनाशक एवं उर्वरक की बिक्री सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में भारतीय किसान यूनियन (हल) के पदाधिकारियों ने जिला कृषि अधिकारी के सामने किसानों की समस्याओं को विस्तार से रखा। संगठन की ओर से कहा गया कि किसानों को खेती के लिए समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। यदि कृषि सीजन के दौरान किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़े या उन्हें निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़े, तो इसका सीधा असर उनकी खेती की लागत और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने जनपद में खाद की कालाबाजारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। संगठन ने कहा कि यदि किसी विक्रेता द्वारा खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी या निर्धारित नियमों के विपरीत बिक्री की जाती है तो संबंधित मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों को सरकारी अथवा निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी बैठक के दौरान रखी गई।
इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन (हल) ने नकली कीटनाशक और नकली अथवा गुणवत्ताहीन उर्वरक की बिक्री का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की मेहनत और उनकी फसल सीधे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ी होती है। यदि किसानों को नकली कीटनाशक या गुणवत्ताहीन उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है और उसके कारण फसल को नुकसान होता है, तो किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संगठन ने मांग की कि कृषि विभाग की ओर से जनपद में खाद, उर्वरक और कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों की नियमित रूप से जांच कराई जाए। दुकानों पर उपलब्ध कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। यदि जांच में किसी विक्रेता के खिलाफ अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
भारतीय किसान यूनियन (हल) की ओर से ऐसे उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों को सीज करने की मांग भी बैठक में रखी गई, जिनके खिलाफ जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं। संगठन ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों से जुड़े मामलों में संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा।
बैठक के दौरान खाद और कृषि उत्पादों की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। संगठन ने कहा कि किसानों को कृषि सामग्री खरीदते समय उचित जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए। किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और विक्रेताओं की है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि किसी किसान को खाद, उर्वरक या कीटनाशक को लेकर कोई शिकायत होती है तो उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। शिकायतों की जांच के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे किसानों में विश्वास बढ़ेगा और कृषि बाजार में अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
बैठक में किसानों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय किसान यूनियन (हल) के पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं को जिला कृषि अधिकारी के समक्ष रखा और उनके समाधान की मांग की। चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर सहमति बनने की बात भी संगठन की ओर से कही गई।
भारतीय किसान यूनियन (हल) ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना है। संगठन किसानों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, शोषण या अनियमितता को स्वीकार नहीं करेगा। किसानों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं को उठाने का कार्य जारी रहेगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि खेती में किसान अपनी मेहनत और पूंजी लगाता है। ऐसे में यदि उसे कृषि सामग्री खरीदते समय ही परेशानी का सामना करना पड़े तो उसकी समस्या और बढ़ जाती है। इसलिए खाद और कृषि उत्पादों की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता तथा निगरानी बेहद जरूरी है।
बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन (हल) के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिला कृषि अधिकारी के साथ हुई वार्ता में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से रखा गया। संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति भी बनी। अब संगठन की नजर संबंधित मामलों में आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
भारतीय किसान यूनियन (हल) ने स्पष्ट किया कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी किसान को खाद की कालाबाजारी, नकली कीटनाशक या उर्वरक की बिक्री अथवा अन्य कृषि संबंधी अनियमितता की जानकारी मिलती है तो संगठन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाया जाएगा।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
जिला कृषि अधिकारी के साथ हुई बैठक में भारतीय किसान यूनियन (हल) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अतुल तोमर राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनिल कुमार राष्ट्रीय महासचिव, नदीम खान राष्ट्रीय मंत्री, मनोज माथुर राष्ट्रीय सचिव और विकेश ठाकुर उत्तर प्रदेश महासचिव मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए कृषि विभाग से आवश्यक कार्रवाई की मांग की। संगठन ने उम्मीद जताई कि बैठक में हुई चर्चा और सहमति के आधार पर किसानों के हित में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे तथा खाद और कृषि उत्पादों से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई की जाएगी।
