किसान यूनियन हल ने पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, अधिकारियों ने पांच दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा।

किसान यूनियन हल ने पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, अधिकारियों ने पांच दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा

उझानी। भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर के नेतृत्व में किसान पदाधिकारी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी बदायूं को ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उझानी के बरी वाले बाईपास पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान यूनियन के पदाधिकारियों को रोक लिया। मौके पर सीओ उझानी, एसडीएम बदायूं, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान यूनियन हल के पदाधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों की ओर से संबंधित शिकायतों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मामलों में कार्रवाई के लिए करीब पांच दिन का समय लिया जा रहा है।

इसके बाद भारतीय किसान यूनियन हल के पदाधिकारियों ने अपना पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम बदायूं को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों और आम लोगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा गया और संबंधित मामलों में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने कहा कि जनपद बदायूं की विभिन्न तहसीलों में किसानों और पीड़ित लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में किसान अपनी शिकायत लेकर तहसील और संबंधित विभागों में पहुंचते हैं, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ती जाती है।

उन्होंने कहा कि किसानों के राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। किसान अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जाता है, ऐसे में यदि उसे बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ें तो इससे उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करने की मांग की, जिनमें शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी होती है।

अतुल तोमर ने सहसवान क्षेत्र से जुड़े कुछ मामलों को भी प्रशासन के सामने उठाया। उन्होंने बताया कि सहसवान में एक दलित महिला की दुकान पर कथित रूप से भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई है। किसान यूनियन ने इस मामले की जांच कराकर यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

इसके अलावा सहसवान क्षेत्र में एक दलित युवक से संबंधित रास्ते के विवाद का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया। संगठन की ओर से प्रशासन से मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित पक्ष को उचित राहत दिलाई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

किसान यूनियन हल ने गांव में स्थित देशी शराब के ठेके को हटाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी। संगठन का कहना है कि ठेके के आसपास स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान नेताओं ने प्रशासन से स्थल की जांच कराकर नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि संगठन किसानों और पीड़ित लोगों की समस्याओं को प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा। पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या विभाग के खिलाफ अनावश्यक विरोध करना नहीं, बल्कि शिकायतों का निष्पक्ष जांच के बाद समाधान कराना है।

इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान यूनियन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाई गई शिकायतों को संबंधित विभागों के माध्यम से जांच कराया जाएगा। एसडीएम बदायूं ने कहा कि सभी मामलों की जांच कराकर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान यूनियन हल के पदाधिकारियों ने अपना पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम बदायूं को सौंपा। अधिकारियों ने संबंधित मामलों में कार्रवाई के लिए पांच दिन का समय मांगा। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन से तय समय में शिकायतों की जांच और समाधान की अपेक्षा जताई।

ज्ञापन देने वालों में भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल ठाकुर, राष्ट्रीय मंत्री नदीम खान, राष्ट्रीय सचिव मनोज माथुर, प्रदेश महासचिव बीकेस ठाकुर और राष्ट्रीय मंत्री एडवोकेट सिमरन रहमान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किसान यूनियन हल के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समय में शिकायतों पर उचित कार्रवाई होती है तो इससे किसानों और पीड़ित लोगों का प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होगा। वहीं, संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं को लेकर वह आगे भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखता रहेगा।

उझानी के बरी वाले बाईपास पर हुए इस घटनाक्रम के दौरान प्रशासन और किसान संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी हुई। अब किसान यूनियन द्वारा उठाए गए पांच सूत्रीय मुद्दों पर प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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