कछला में टूटा आस्था का रिकॉर्ड: सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद।
उझानी/बदायूं, 15 जून। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर बदायूं जिले के प्रसिद्ध कछला गंगा घाट पर श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष से पूरा घाट क्षेत्र गूंज उठा। लाखों श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
सुबह होते-होते कछला घाट का नजारा किसी विशाल धार्मिक मेले से कम नहीं था। दूर-दराज के जिलों और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ गंगा स्नान के लिए पहुंचे। सुबह आठ बजे तक घाट श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर चुका था। इसके बाद भी लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। दोपहर तक घाट और आसपास के मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
आस्था के सागर में डूबा कछला घाट।
सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते कछला गंगा घाट पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
श्रद्धालु सुबह से ही गंगा तट पर पहुंचने लगे थे। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी गंगा स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया तथा जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी किया। घाट क्षेत्र में जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारों का आयोजन भी देखने को मिला।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर पुलिस और PAC तैनात।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। घाट क्षेत्र के प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए फ्लड पीएसी की विशेष टीमों को भी लगाया गया।

गंगा नदी में तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। घाटों पर लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जाती रही। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों के साथ प्रशिक्षित गोताखोरों को भी तैनात रखा गया था।
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया था कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। पूरे मेले क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही थी।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात पुलिस ने एक दिन पहले ही विशेष ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया था। कछला मार्ग पर केवल स्नान के लिए आने वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया, जिससे अनावश्यक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रही।

प्रशासन की बेहतर योजना का असर यह रहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद कहीं भी लंबा जाम देखने को नहीं मिला। श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने और वापस लौटने में अपेक्षाकृत कम परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार सड़कों पर तैनात रहे।
जिले के अन्य घाटों पर भी उमड़ी भीड़।
कछला गंगा घाट के अलावा जिले के अन्य प्रमुख घाटों पर भी सोमवती अमावस्या को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उसहैत क्षेत्र के अटेना गंगा घाट, कादरचौक क्षेत्र के ककोड़ा गंगा घाट और दातागंज क्षेत्र के बेलाडांडी घाट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए और जरूरतमंदों को भोजन तथा प्रसाद वितरित किया। पूरे जिले में धार्मिक माहौल बना रहा और गंगा घाटों पर श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
डीएम और एसएसपी ने रखी पल-पल की निगरानी।
सोमवती अमावस्या मेले की व्यवस्थाओं पर जिला प्रशासन की विशेष नजर रही। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक दोपहर तक स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न हुआ। किसी भी घाट से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के सहयोग और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता को सफल आयोजन का प्रमुख कारण बताया।

कुल मिलाकर सोमवती अमावस्या पर कछला गंगा घाट ने एक बार फिर आस्था का नया रिकॉर्ड कायम किया। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद प्रशासन की मुस्तैदी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा, जिससे श्रद्धालुओं ने सुरक्षित वातावरण में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।