कछला गंगा पुल से बुजुर्ग ने लगाई छलांग, पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान।
घरेलू कलह से आहत होकर उठाया आत्मघाती कदम, पांच मिनट के रेस्क्यू अभियान के बाद सकुशल बाहर निकाला गया, परिजनों के सुपुर्द किया गया।
जनपद न्यूज़ 24 यूपी | बदायूं।

बदायूं जनपद के प्रसिद्ध कछला गंगा घाट पर बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने अचानक कछला पुल से गंगा नदी में छलांग लगा दी। पुल पर मौजूद लोगों ने जैसे ही बुजुर्ग को नदी में कूदते देखा, मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी बिना एक पल गंवाए वर्दी में ही गंगा नदी में कूद पड़े और करीब पांच मिनट तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की इस बहादुरी और तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कासगंज जिले के सहावर थाना क्षेत्र के गांव खाता फरीदपुर निवासी वीरन सिंह (65 वर्ष), पुत्र बंशीलाल अपने गांव के लोगों के साथ कछला गंगा घाट पर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। दोपहर लगभग दो बजे वह अचानक वहां से उठकर कछला पुल की ओर चले गए। इससे पहले कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उन्होंने गंगा नदी में छलांग लगा दी।
घटना के समय सावन माह की कांवड़ यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर कछला गंगा घाट और पुल पर पुलिस बल तैनात था। पुलिसकर्मियों की नजर जैसे ही नदी में कूदते बुजुर्ग पर पड़ी, उन्होंने बिना किसी आदेश का इंतजार किए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल मनीष कुमार और कांस्टेबल अजीत कुमार ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तेज बहाव के बीच बुजुर्ग तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित पकड़ लिया। काफी मशक्कत के बाद लगभग पांच मिनट में उन्हें सकुशल किनारे ले आया गया।
बुजुर्ग को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। उस समय उनकी हालत घबराई हुई थी और वह लगातार रो रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत कराया और बातचीत के दौरान घटना के पीछे का कारण जानने का प्रयास किया।
पूछताछ में वीरन सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से घरेलू कलह और पारिवारिक परेशानियों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने जीवन समाप्त करने जैसा कदम उठाया। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें समझाया कि जीवन अमूल्य है और हर समस्या का समाधान बातचीत और धैर्य से निकाला जा सकता है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उनके परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में परिवार के सदस्य कछला गंगा घाट पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों और परिजनों ने काफी देर तक बुजुर्ग को समझाया तथा उनका मनोबल बढ़ाया। इसके बाद उन्हें उनके भाई हरप्रसाद के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस संबंध में कछला चौकी प्रभारी एवं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि पुलिसकर्मी समय रहते नदी में छलांग नहीं लगाते तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण एक व्यक्ति की जान बच गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और साहस की प्रशंसा की।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर पुलिस की आलोचना होती है, लेकिन ऐसे मौके यह साबित करते हैं कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाने का काम भी करती है।
गौरतलब है कि सावन माह में कांवड़ यात्रा को देखते हुए कछला गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसी सतर्कता के चलते यह बड़ा हादसा टल गया और एक परिवार अपने सदस्य को सुरक्षित वापस पा सका।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू विवाद और मानसिक तनाव के कारण कई लोग आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। ऐसे समय में परिवार, समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परेशान व्यक्ति की बात सुनी जाए, उसे भावनात्मक सहारा दिया जाए और समय रहते उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए। मानसिक तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसका समाधान तलाशना बेहद जरूरी है।
कछला गंगा घाट की यह घटना एक ओर जहां घरेलू तनाव के गंभीर परिणामों की ओर संकेत करती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाती है कि पुलिस की सतर्कता, साहस और मानवता से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

जनपद न्यूज़ 24 यूपी
“सच की आवाज़, जनता के साथ”