उझानी में भैंस चोरी के विरोध पर ग्रामीण को मारी गोली? पुलिस ने बताया खूंटे पर गिरने से लगी चोट, जांच में जुटी।

उझानी में भैंस चोरी के विरोध पर ग्रामीण को मारी गोली? पुलिस ने बताया खूंटे पर गिरने से लगी चोट, जांच में जुटी।

उझानी/बदायूं। बदायूं जनपद के उझानी थाना क्षेत्र के गांव कुड़ानरसिंहपुर में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात हुई एक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव निवासी एक ग्रामीण को उस समय गंभीर चोट लगी जब वह घर के बाहर बंधी अपनी भैंस की रखवाली कर रहा था। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भैंस चोरी का प्रयास कर रहे बदमाशों ने विरोध करने पर ग्रामीण को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। वहीं पुलिस ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि चिकित्सकों की शुरुआती जांच में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है और चोट खूंटे पर गिरने से लगना बताई गई है। घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार उझानी थाना क्षेत्र के गांव कुड़ानरसिंहपुर निवासी लगभग 45 वर्षीय राजीव पुत्र भूरे मंगलवार की रात अपने घर के बाहर बंधी भैंस की रखवाली कर रहे थे। बताया जाता है कि आधी रात के बाद कुछ अज्ञात लोग भैंस खोलकर चोरी करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान खटर-पटर की आवाज और भैंस के रंभाने की आवाज सुनकर राजीव की नींद खुल गई। उन्होंने बाहर निकलकर संदिग्ध लोगों का विरोध किया और शोर मचाना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध होते देख बदमाश बौखला गए और राजीव पर जानलेवा हमला कर दिया। परिजनों का कहना है कि हमलावरों ने राजीव को गोली मार दी, जो उनके जबड़े के पास लगी। गोली लगने के बाद वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। गोली चलने जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

परिजनों के अनुसार पहले घायल को उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव और आसपास के पशुपालकों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है, जिससे लोग रात भर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करने को मजबूर हैं।

हालांकि इस मामले में पुलिस का पक्ष परिजनों के आरोपों से अलग है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और चिकित्सकों की राय के अनुसार घायल के शरीर पर गोली लगने के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। डॉक्टरों ने बताया कि चोट किसी नुकीले खूंटे पर गिरने से भी हो सकती है।

थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि जब घायल और परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई तो गोली चलने की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार अभी तक ऐसी कोई ठोस सामग्री या साक्ष्य नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि बदमाशों ने गोली चलाई थी। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि भैंस चोरी की वारदात की पुष्टि भी जांच के बाद ही की जा सकेगी।

पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक वारदात या बदमाशों की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों में कुछ अलग तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु सुरक्षा और रात्रि गश्त को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की आवश्यकता है, ताकि पशु चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम रहे।

फिलहाल घायल का उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब सभी की नजर मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक तथ्यों और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि घायल को वास्तव में गोली लगी थी या चोट किसी अन्य कारण से आई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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