उझानी में दर्दनाक हादसा: दवा लेकर लौट रहे युवक की अचानक मौत, पत्नी और दो मासूम बेटियों पर टूटा दुखों का पहाड़।
उझानी (बदायूं), 19 जून।
उझानी नगर के घंटाघर चौराहे पर शुक्रवार को एक हृदयविदारक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दवा लेकर घर लौट रहे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से सड़क पर गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक की पत्नी और दो मासूम बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के इकलौते सहारे की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी 38 वर्षीय महीपाल पुत्र भगवान दास अपनी पत्नी निर्मला और दो बेटियों के साथ इलाज के सिलसिले में उझानी आया था। बताया जा रहा है कि वह किसी बीमारी के उपचार हेतु दवा लेने के लिए नगर पहुंचा था। दवा लेने के बाद जब वह परिवार के साथ वापस घर लौट रहा था, तभी घंटाघर चौराहे के पास अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महीपाल को अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसकी सहायता करने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और गंभीर हालत में पड़े युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद महीपाल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा युवक को मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी निर्मला अस्पताल परिसर में बेसुध हो गई, जबकि उसकी दोनों मासूम बेटियां अपने पिता को पुकारती रहीं। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी यह दृश्य देखकर नम हो गईं।
बताया जाता है कि मृतक महीपाल अपने परिवार का मुख्य सहारा था और मेहनत-मजदूरी कर घर का खर्च चलाता था। उसकी असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोगों का कहना है कि महीपाल स्वभाव से बेहद सरल और मेहनती व्यक्ति था। उसकी अचानक मौत की खबर मिलते ही भवानीपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंचने लगे।
पुलिस ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है। प्रारंभिक तौर पर मामला अचानक तबीयत बिगड़ने और चक्कर आने से मौत का माना जा रहा है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चिकित्सकीय जांच और अन्य औपचारिकताओं के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद घंटाघर चौराहे पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी की जान बचाई जा सके।
महीपाल की मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अचानक होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कितनी घातक साबित हो सकती हैं। एक पल पहले अपने परिवार के साथ घर लौट रहा युवक अगले ही पल दुनिया को अलविदा कह गया। इस दुखद घटना ने न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल गांव भवानीपुर में मातम का माहौल है। परिजन और ग्रामीण इस अप्रत्याशित घटना को लेकर स्तब्ध हैं। पत्नी और दोनों मासूम बेटियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि आखिर परिवार का सहारा इतनी जल्दी उन्हें छोड़कर क्यों चला गया।
उझानी में दर्दनाक हादसा: दवा लेकर लौट रहे युवक की अचानक मौत, पत्नी और दो मासूम बेटियों पर टूटा दुखों का पहाड़
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।