कछला भागीरथ घाट श्मशान घाट की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में आक्रोश, जिम्मेदारों पर लापरवाही के आरोप
कछला (बदायूं)। जनपद बदायूं के कछला स्थित प्रसिद्ध भागीरथ घाट श्मशान घाट पर व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि कछला का भागीरथ घाट धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग और वहां खड़े होने सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं।

स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत कछला और संबंधित जिम्मेदारों पर व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर होना बेहद जरूरी है, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
स्थानीय निवासी पंडित किशन चंद शर्मा ने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे नगर पंचायत की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि यदि नगर पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान दें तो भागीरथ घाट पर काफी बेहतर व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। उनका कहना है कि यहां आने वाले लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
वहीं पूर्व सभासद मनोज गुप्ता ने भी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यदि नगर पंचायत कछला इच्छाशक्ति के साथ काम करे तो घाट और अंत्येष्टि स्थल की स्थिति को काफी बेहतर बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, यहां आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़क, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर काम किए जाने की जरूरत है।
स्थानीय नागरिक धूर्व यादव ने कहा कि यहां बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की अंत्येष्टि के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में लोगों को आने-जाने और वाहन खड़े करने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन के स्तर पर विकास की बात की जाती है, लेकिन भागीरथ घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को अभी भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कछला भागीरथ घाट केवल स्थानीय लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आसपास के कई क्षेत्रों के लोग भी अंतिम संस्कार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अंत्येष्टि स्थल तक जाने वाला मार्ग चौड़ा और व्यवस्थित होना जरूरी है। लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार के समय परिवार के साथ रिश्तेदार और अन्य लोग भी पहुंचते हैं, जिसके चलते सीमित स्थान और अव्यवस्थित आवागमन के कारण परेशानी और बढ़ जाती है।
लोगों ने विशेष रूप से अंत्येष्टि स्थल तक जाने वाली सड़क को चौड़ा और सुंदर बनाए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सड़क का बेहतर निर्माण होने से लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और वाहनों को खड़ा करने तथा लोगों के आने-जाने में भी सुविधा होगी।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि भागीरथ घाट की महत्ता को देखते हुए यहां केवल सड़क ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को विशेष परिस्थितियों में कई घंटे घाट पर रहना पड़ता है। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं का उपलब्ध होना जरूरी है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भागीरथ घाट श्मशान घाट का स्थलीय निरीक्षण कर वर्तमान व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया जाए। इसके साथ ही अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ योजना बनाकर काम करें तो इस महत्वपूर्ण स्थल को बेहतर रूप दिया जा सकता है।
जनपद न्यूज़ 24 यूपी स्थानीय लोगों की इस मांग के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान कछला भागीरथ घाट की व्यवस्थाओं की ओर आकर्षित करता है। लोगों की मांग है कि भागीरथ घाट के अंत्येष्टि स्थल की समस्याओं का जल्द संज्ञान लिया जाए और सड़क सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाए, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि नगर पंचायत कछला, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करेंगे और आवश्यक कार्यवाही करेंगे। लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार स्थल से जुड़ी व्यवस्थाएं किसी भी क्षेत्र की मूलभूत जिम्मेदारियों में शामिल हैं और यहां आने वाले लोगों को सम्मानजनक एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
अब देखना होगा कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई इन समस्याओं और मांगों पर नगर पंचायत कछला तथा जिला प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और भागीरथ घाट की व्यवस्थाओं में कब तक सुधार दिखाई देता है।