उझानी में भगवान महावीर की भव्य रथ शोभायात्रा, अहिंसा के जयकारों से गूंजा नगर।

उझानी में भगवान महावीर की भव्य रथ शोभायात्रा, अहिंसा के जयकारों से गूंजा नगर

उझानी (बदायूं), 28 सितंबर। जैन धर्म के पावन दशलक्षण पर्व के समापन के अवसर पर सोमवार को उझानी नगर में भगवान महावीर स्वामी की भव्य रथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान नगर का माहौल धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान महावीर के संदेशों का स्मरण किया। पूरा नगर ‘अहिंसा परमो धर्म’ के जयकारों से गूंजता रहा।

जैन धर्म के दशलक्षण पर्व के दौरान पिछले दस दिनों से श्री दिगंबर जैन मंदिर जी में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा था। पर्व के दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मों की विधि-विधान से पूजा की गई। पर्व के समापन के बाद सोमवार को भगवान महावीर स्वामी को रथ पर विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

शोभायात्रा में धार्मिक परंपराओं के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अंकित जैन को, जबकि कुबेर इंद्र की बोली प्रशांत जैन को प्राप्त हुई। वहीं रथ के सारथी बनने का सौभाग्य सचित जैन को मिला। मंगल कलश का सौभाग्य श्रीमती हिमांशी जैन ने प्राप्त किया। नन्हे युवाओं अयांश, परिणय और पहल ने भगवान के इंद्र बनने की भूमिका निभाई।

रथयात्रा के दौरान वृंदावन से आए मयूर नृत्य की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं और नगरवासियों का मन मोह लिया। धार्मिक वातावरण के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम ने शोभायात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया।

शोभायात्रा में पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पनम अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष सचिन अग्रवाल, विवेक उपाध्याय, संदीप सक्सेना, रिंकू वार्ष्णेय सहित शहर के गणमान्य नागरिक और धर्मप्रेमी लोग शामिल हुए। जैन समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भगवान महावीर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

शोभायात्रा के पूरे मार्ग में महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। महिलाओं ने भगवान महावीर के भजनों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। पूजा जैन, हिमांशी जैन, कृति, अविका, साक्षी, प्राची, अनामिका, भव्या, राली, दीपाली आदि ने भजनों पर नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं और बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भगवान महावीर के संदेशों और अहिंसा के सिद्धांतों को याद करते हुए श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए। जगह-जगह श्रद्धालुओं और नागरिकों की ओर से प्रसाद का वितरण भी किया गया। इससे नगर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।

इस अवसर पर जैन समाज के अनेक लोगों ने सहभागिता की। अध्यक्ष अनूप जैन, अरुण जैन, जयदीप जैन, पम्मी जैन, प्रदीप जैन, मनोज जैन, अजय जैन, पारस जैन, अभिषेक जैन, निखिल जैन, विनीत जैन, पिंकुल जैन, आकाश जैन, सम्यक जैन, सिद्धार्थ जैन, रॉबिन जैन, संजीव जैन, शशांक जैन, दीपक जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। इसके अलावा उझानी, बदायूं, बिल्सी और बहजोई जैन समाज के अध्यक्ष, मंत्री तथा सैकड़ों साधर्मी बंधुओं ने भी शोभायात्रा में हिस्सा लिया।

महिला मंडल की ओर से भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता रही। महिला मंडल की अध्यक्ष रजनी जैन, संगीता जैन, रूपा जैन, मनुका जैन, कामिनी जैन, अनीता जैन, सीमा जैन, रुचि जैन, बबीता जैन, तृप्ति जैन, प्रतिज्ञा जैन, रोशी जैन, नीरज जैन आदि ने भगवान महावीर के मधुर भजनों का गायन किया।

शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी। रास्ते में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ इसका स्वागत किया। भगवान महावीर के जयकारों और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जैन समाज के लोगों ने दशलक्षण पर्व के दौरान आत्मसंयम, तप, त्याग, क्षमा और अहिंसा जैसे मूल सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

शोभायात्रा के समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने जैन संत भवन उझानी में प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद एक-दूसरे से क्षमा मांगकर क्षमावाणी पर्व मनाया गया। इस दौरान परस्पर मन-मुटाव समाप्त करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों और सहयोग करने वाले लोगों को पुरस्कार भी वितरित किए गए।

आयोजकों के अनुसार, शोभायात्रा को सफल बनाने में पालिका प्रशासन और पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सहयोग किया गया, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

दशलक्षण पर्व के समापन पर आयोजित यह रथ शोभायात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन ही नहीं रही, बल्कि इसने अहिंसा, क्षमा, संयम, त्याग और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता और महिलाओं-बच्चों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया। धार्मिक जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान महावीर की रथ शोभायात्रा के साथ दशलक्षण पर्व का समापन हुआ।

जनपद न्यूज 24 यूपी।

संपादक नवीन गोस्वामी।

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