स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत डीएसएम पब्लिक स्कूल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित।

स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत डीएसएम पब्लिक स्कूल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

बदायूं। जिला गंगा समिति बदायूं के तत्वावधान में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम 2026 एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डीएसएम पब्लिक स्कूल, सिरासौल बिल्सी में विभिन्न जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए रंगोली प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, गंगा स्वच्छता रैली, गंगा स्वच्छता गोष्ठी, स्वच्छता शपथ एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों में सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को गंगा एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का आयोजन जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे अनुज प्रताप सिंह के निर्देशन में किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।

शहीद सुरजीत सिंह चौहान स्मारक पर किया श्रमदान

कार्यक्रम के अंतर्गत डीएसएम पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शहीद सुरजीत सिंह चौहान के स्मारक पर श्रमदान किया। विद्यार्थियों ने पूरे परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र किया। अभियान के दौरान लगभग एक हजार किलोग्राम कचरा एकत्र किए जाने की जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं और विद्यालय से जुड़े लोगों ने मिलकर पूरे प्रांगण को साफ एवं स्वच्छ बनाया।

श्रमदान के दौरान विद्यार्थियों ने लोगों को यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यदि लोग अपने आसपास कूड़ा न फैलाएं और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें तो वातावरण को स्वच्छ रखने में काफी मदद मिल सकती है।

गंगा स्वच्छता की दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रबंधक संजीव सिंह राठौड़ ने छात्र-छात्राओं को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने गंगा और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, जल को प्रदूषित न करने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिंह ने भी छात्र-छात्राओं को गंगा स्वच्छता की शपथ ग्रहण कराई। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें।

जिला परियोजना अधिकारी ने स्वच्छता को लेकर किया आह्वान

कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे अनुज प्रताप सिंह ने स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं सेवा संकल्प अभियान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम तथा इसके बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान का आयोजन जिला गंगा समिति बदायूं के तत्वावधान में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान के क्रम में नदियों के किनारे, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के रखरखाव और स्वच्छता के लिए पूरे जनपद में सफाई अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से ही करनी होगी।

उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखना केवल पर्यावरण की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में कूड़ा-कचरा डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए आमजन को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में सहयोग करना चाहिए।

छात्र-छात्राओं ने निकाली गंगा स्वच्छता रैली

कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा गंगा स्वच्छता जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों को गंगा एवं जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश आमजन तक पहुंचाया।

छात्र-छात्राओं ने लोगों को समझाया कि गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आम नागरिक अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करके भी गंगा स्वच्छता अभियान में योगदान दे सकते हैं। गंगा और अन्य जल स्रोतों में कूड़ा-कचरा नहीं डालना, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना तथा अपने आसपास सफाई रखना ऐसे प्रयास हैं, जिनसे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिल सकता है।

गोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण पर हुई चर्चा

गंगा स्वच्छता गोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि नदियां और जल स्रोत केवल पानी उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने में सहयोग किया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के 50 विजेता प्रतिभागियों को कैंप, टी-शर्ट एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।

आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। रंगोली और पेंटिंग के माध्यम से बच्चों ने गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। सरकारी संस्थाओं और विभागों द्वारा अभियान चलाए जाने के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है। जब लोग अपने स्तर पर स्वच्छता की जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे, तभी स्थायी रूप से स्वच्छ वातावरण तैयार किया जा सकता है।

गंगा स्वच्छता के साथ-साथ स्थानीय तालाबों, नदियों और अन्य जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता की शुरुआत किसी दूसरे व्यक्ति से नहीं, बल्कि स्वयं से करनी चाहिए।

इस अवसर पर मीनू पचौरी, प्रशांत तिवारी, आशीष कुमार सिंह, अवनी राघव, प्राची चौहान, सपना चौहान, सपना भारती, प्रशांत सिंह, एकांशी सिंह, सौम्या शाक्य सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी यदि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर आगे आए तो समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के माध्यम से गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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