सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बदायूं। सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मेरा युवा भारत बदायूं एवं जी.बी. पंत महाविद्यालय, कछला के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं, युवा स्वयंसेवकों एवं आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता रैली एवं विचार गोष्ठी सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवा स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग, संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक नागरिक अपने घर, संस्थान और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लेगा, तभी स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी आदित्य सिंह ने स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या निर्धारित अवधि तक चलने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, आसपास के लोगों तथा समाज के अन्य नागरिकों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि युवा स्वयं स्वच्छता को लेकर जागरूक होंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे, तो इसका व्यापक प्रभाव समाज पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छ, स्वस्थ एवं विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।

छात्र-छात्राओं को दिलाई गई स्वच्छता शपथ

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं युवा स्वयंसेवकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता शपथ दिलाई गई। उपस्थित विद्यार्थियों ने अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

स्वच्छता शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से की जानी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए और कूड़ा-कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर डाले, तो आसपास का वातावरण काफी हद तक स्वच्छ रखा जा सकता है।

स्वच्छता जागरूकता रैली निकालकर दिया संदेश

स्वच्छता शपथ के बाद विद्यार्थियों एवं युवा स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया गया। युवाओं ने लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाने के लिए जागरूक किया।

रैली का उद्देश्य केवल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना ही नहीं, बल्कि समाज में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा। विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों की सहभागिता से कार्यक्रम को व्यापक जनजागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया गया।

रैली के दौरान स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। आयोजकों की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों के साथ-साथ गलियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और आसपास के वातावरण को भी साफ रखने में सहयोग करें।

विचार गोष्ठी में स्वच्छ वातावरण के महत्व पर चर्चा

कार्यक्रम के अंतर्गत विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता के सामाजिक महत्व पर चर्चा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। साफ-सफाई का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।

डॉ. सुमित कुमार जी, कार्यवाहक प्राचार्य, ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें।

उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश परिवार और समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में मदद मिलती है।

युवाओं की भागीदारी पर दिया गया जोर

कार्यक्रम के दौरान युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। युवा स्वयंसेवक अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर स्वच्छता के संदेश को आगे बढ़ा सकते हैं।

मेरा युवा भारत के माध्यम से युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में स्वच्छता जागरूकता जैसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वच्छता को लेकर अपने विचार भी साझा किए और दैनिक जीवन में साफ-सफाई को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी जरूरी है। यदि किसी क्षेत्र में सभी लोग मिलकर साफ-सफाई का ध्यान रखें तो वहां का वातावरण अधिक स्वच्छ और बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में डॉ. विद्याराम शर्मा, डॉ. सोनू कुमार मिश्रा, डॉ. अमित पांडेय, रविन्द्र पाल सिंह कार्यालय सहायक, अखिलेश यादव, माणिक्य मौर्य, अभिषेक यादव, लवेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं एवं युवा स्वयंसेवकों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की

कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता को लेकर जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब इसे केवल अभियान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवा स्वयंसेवकों ने स्वच्छता के संदेश को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।

मेरा युवा भारत बदायूं एवं जी.बी. पंत महाविद्यालय, कछला के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में स्वच्छ वातावरण के महत्व का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में स्वच्छता शपथ, जागरूकता रैली और विचार गोष्ठी के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

Leave a Comment