डूसू चुनाव 2026: ABVP का दबदबा, यश डबास अध्यक्ष बने; नूपुर शर्मा ने 2008 की चुनावी यादें कीं साझा
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम सामने आने के बाद छात्र राजनीति में एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रभाव देखने को मिला है। ABVP ने डूसू के चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। संगठन के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, जबकि रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद अपने नाम किया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।

इन परिणामों के बीच पूर्व भाजपा नेता नूपुर शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। नूपुर शर्मा ने डूसू अध्यक्ष के रूप में वर्ष 2008 में अपनी जीत की तस्वीरों और उस समय के चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टरों को साझा करते हुए पुराने चुनावी दौर की यादें ताजा की हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने ABVP के टिकट पर डूसू अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। उस समय उन्होंने NSUI की उम्मीदवार सोनिया सप्रा को 1,739 मतों के अंतर से हराया था। नूपुर शर्मा को 10,345 वोट मिले थे, जबकि सोनिया सप्रा को 8,606 वोट प्राप्त हुए थे।
2026 में अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 में अध्यक्ष पद का मुकाबला ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच रहा। अंतिम परिणाम के अनुसार यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट प्राप्त हुए। इस तरह यश डबास ने 2,053 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
अध्यक्ष पद की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके साथ ABVP ने केंद्रीय पैनल में अपनी स्थिति मजबूत की है। हालांकि उपाध्यक्ष पद ABVP के खाते में नहीं गया। इस पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। शौकीन को 30,615 वोट मिले, जबकि ABVP के इशू मौर्य को 16,910 वोट प्राप्त हुए।

सचिव और संयुक्त सचिव पद भी ABVP के खाते में
अध्यक्ष पद के साथ-साथ ABVP ने सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी जीत दर्ज की। रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर 21,650 वोट हासिल किए। उन्होंने NSUI की नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ा। वहीं लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की और उन्हें 16,615 वोट प्राप्त हुए।
इस तरह 2026 के डूसू केंद्रीय पैनल में ABVP के तीन प्रतिनिधि चुने गए हैं। अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद ABVP के पास गए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में रहा। चुनाव परिणाम 20 दौर की मतगणना के बाद घोषित किए गए।
नूपुर शर्मा की 2008 की जीत फिर चर्चा में
2026 के परिणामों के बीच नूपुर शर्मा का 2008 का डूसू चुनाव भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है। नूपुर शर्मा ने उस समय ABVP उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। चुनाव परिणाम के बाद उनकी जीत की तस्वीरें और चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टर उस दौर की छात्र राजनीति की झलक पेश करते हैं।
वर्ष 2008 का चुनाव परिणाम भी बेहद दिलचस्प रहा था। उस चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष पद अपने नाम किया था, जबकि NSUI ने उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर जीत दर्ज की थी। नूपुर शर्मा ने अध्यक्ष पद पर 10,345 वोट हासिल किए थे और अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सोनिया सप्रा को 1,739 वोटों से हराया था।

दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में नूपुर शर्मा का नाम महिला अध्यक्षों की सूची में भी दर्ज है। भारतीय एक्सप्रेस की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार डूसू के इतिहास में अब तक 11 महिलाएं अध्यक्ष चुनी गई हैं और 2008 में नूपुर शर्मा के बाद लंबे समय तक कोई महिला डूसू अध्यक्ष नहीं बनी।
18 साल बाद भी 2008 की तस्वीरें बनीं यादगार
नूपुर शर्मा द्वारा अपनी पुरानी चुनावी तस्वीरों और पोस्टरों को साझा किया जाना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 2008 और 2026 के बीच करीब 18 वर्ष का अंतर है। छात्र राजनीति के उस दौर में चुनाव प्रचार का तरीका आज के सोशल मीडिया-केंद्रित दौर से काफी अलग था। पोस्टर, पर्चे, कैंपस में प्रत्यक्ष प्रचार और छात्रों के बीच संपर्क चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा हुआ करते थे।
आज डूसू चुनावों में सोशल मीडिया, डिजिटल पोस्ट, वीडियो संदेश और ऑनलाइन प्रचार भी चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में 2008 के पोस्टरों को साझा करना पुराने और नए चुनावी दौर के बीच एक तरह की कड़ी के रूप में देखा जा सकता है।
डूसू चुनावों में महिला अध्यक्ष का सवाल
डूसू चुनावों में महिला प्रतिनिधित्व भी लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक नूपुर शर्मा 2008 में डूसू अध्यक्ष बनने वाली आखिरी महिला रही हैं। 2025 के चुनावों में भी महिला उम्मीदवारों की मौजूदगी को लेकर विशेष चर्चा हुई थी और उस समय कई रिपोर्टों ने नूपुर शर्मा को 2008-09 की आखिरी महिला डूसू अध्यक्ष के रूप में उल्लेख किया था।
इस पृष्ठभूमि में 2026 का चुनाव परिणाम भी छात्र राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व और शीर्ष पदों पर महिलाओं की भागीदारी से जुड़े सवालों को फिर सामने लाता है। हालांकि इस बार अध्यक्ष पद ABVP के यश डबास के खाते में गया है।
छात्र राजनीति के लिए महत्वपूर्ण परिणाम
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव देश की चर्चित छात्र राजनीति में शामिल रहे हैं। डूसू के चुनाव परिणामों पर विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की नजर रहती है। 2026 में ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय पद जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने चुनाव परिणाम में एक अलग तस्वीर पेश की है।
चुनाव के दौरान छात्र सुरक्षा, हॉस्टल और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे। परिणाम के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने अब छात्रों से जुड़े इन मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
इस पूरे घटनाक्रम में 2008 की डूसू अध्यक्ष नूपुर शर्मा की पुरानी चुनावी तस्वीरों का सामने आना भी अपने आप में एक महत्वपूर्ण प्रसंग बन गया है। एक तरफ वर्ष 2008 में ABVP के टिकट पर नूपुर शर्मा की अध्यक्ष पद पर जीत की यादें ताजा हुईं, तो दूसरी तरफ 2026 में इसी संगठन के यश डबास ने अध्यक्ष पद हासिल किया है। इस तरह डूसू की छात्र राजनीति में 2008 और 2026 के दो चुनावी दौर की तस्वीरें एक साथ चर्चा में गई हैं।
संपादक नवीन गोस्वामी।
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